आमेट, मेवाड़। हरिद्वार मातृकुंडिया में पारीक समाज का वार्षिक सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को भव्य तरीके से आयोजित किया गया। इस आयोजन में समाज के 13 जोड़े तुलसी जी और सालिग्राम जी की पूजा-अर्चना के साथ परिणय सूत्र में बंधे।

सम्मेलन की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक रीतियों के साथ हुई। इस अवसर पर सांसद, कपासन विधायक, पारीक समाज के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में समाजजन और युवा उपस्थित थे। समाज के वरिष्ठों ने विवाह समारोह को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विवाह समारोह का आयोजन इस बात का संदेश देता है कि समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम की शांति और सुव्यवस्था सुनिश्चित की।

इस सम्मेलन ने न केवल पारीक समाज में सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दिया, बल्कि युवा पीढ़ी को भी परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक एकता और परिवारों के सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।

Pratahkal Bureau

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