तीन दिवसीय कुंभलगढ़ फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ, सांस्कृतिक धरोहर में जीवंत रंग
कुंभलगढ़ दुर्ग में तीन दिवसीय कुंभलगढ़ फेस्टिवल महोत्सव का भव्य शुभारंभ, विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन। घूमर, कच्ची घोड़ी, गवरी और कालबेलिया सहित रंग-बिरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से महोत्सव ने दर्शकों का मन मोह लिया।

आमेट। ऐतिहासिक कुंभलगढ़ दुर्ग में आज से तीन दिवसीय कुंभलगढ़ फेस्टिवल महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। इस महोत्सव का शुभारंभ कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत होते ही राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और लोक कला के रंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से प्रतिभाशाली कलाकार शामिल हुए हैं, जो अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा के जरिए स्थानीय एवं राष्ट्रीय दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। उद्घाटन के दौरान कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं, जिसमें घूमर, कच्ची घोड़ी, गवरी और कालबेलिया प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके अलावा लोक कलाकारों द्वारा राजस्थान की पारंपरिक कलाकृतियों और झांकियों का भी मनमोहक प्रदर्शन किया गया।
कुंभलगढ़ फेस्टिवल महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा और इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अलावा स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करना और पर्यटकों व स्थानीय जनता के बीच सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करना है।
विधानिक और प्रशासनिक दृष्टि से महोत्सव में सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर यातायात एवं सुरक्षा प्रबंधों को सुदृढ़ किया है, ताकि दर्शक निश्चिंत होकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकें।
तीन दिवसीय इस महोत्सव से न केवल कुंभलगढ़ दुर्ग का सांस्कृतिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और कला जगत को भी एक नई पहचान मिलेगी। ऐसे आयोजन राजस्थान की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने और नए पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- कुंभलगढ़ फेस्टिवलKumbhalgarh Festivalकुंभलगढ़ दुर्गKumbhalgarh Fortसुरेंद्र सिंह राठौड़Surendra Singh Rathoreराजस्थान लोक कलाRajasthani Folk Artघूमर नृत्यGhoomar Danceकच्ची घोड़ी नृत्यKacchi Ghodi Danceगवरी नृत्यGawri Danceकालबेलिया नृत्यKalbelia Danceराजस्थान सांस्कृतिक महोत्सवRajasthan Cultural Festivalराजस्थान पर्यटनRajasthan Tourismलोक कलाकारFolk Artistsपारंपरिक कलाकृतियांTraditional Artifactsरंग-बिरंगी झांकियांColorful Processions

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
