आमेट। साहित्य की उर्वर धरा आमेट में शब्दों की साधना को नई ऊर्जा देने और रचनात्मकता के क्षितिज का विस्तार करने के उद्देश्य से साकेत साहित्य संस्थान ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मित्र मंडल परिसर में आयोजित एक गरिमामयी बैठक के दौरान संस्थान की तहसील कार्यकारिणी का भव्य विस्तार किया गया। आमेट तहसील अध्यक्ष मुकेश वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक ने न केवल साहित्यकारों को एक मंच पर लाने का कार्य किया, बल्कि आने वाले समय के लिए बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक सुदृढ़ रूपरेखा भी तैयार की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि साकेत साहित्य संस्थान राजसमंद की जिलाध्यक्ष वीणा वैष्णव, विशिष्ट अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं जिला उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव, राउमावि आईडाणा के प्रधानाचार्य महावीर प्रसाद बघेरवाल तथा प्राध्यापक जगदीश चन्द्र शर्मा के सानिध्य में हुआ। सभा की अध्यक्षता कर रहे मुकेश वैष्णव ने आगामी दो वर्षों के लिए तहसील की संगठनात्मक शक्ति को सुदृढ़ करते हुए नई टीम की घोषणा की। इस नवीन कार्यकारिणी में सभाध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद पर पारसमल जाट को जिम्मेदारी सौंपी गई, वहीं जगदीश चन्द्र शर्मा को उपाध्यक्ष और गायड़ सिंह चुण्डावत को सचिव पद पर नियुक्त किया गया। महिला सशक्तीकरण और समावेशी सहभागिता को बढ़ावा देते हुए उषा मेवाड़ा को महिला मंत्री के रूप में चुना गया।

संस्थान की वित्तीय और संगठनात्मक संरचना को गति देने हेतु कोषाध्यक्ष पद पर छोटू लाल जीनगर, संगठन मंत्री के रूप में राम नारायण सालवी तथा कार्यक्रमों की रूपरेखा के लिए गोष्ठी प्रभारी के रूप में नरेंद्र सिंह राव को मनोनीत किया गया। जन-जन तक संस्थान की गतिविधियों को पहुँचाने का दायित्व मीडिया प्रभारी गणपत लाल चौधरी को सौंपा गया। इसके अतिरिक्त सलाहकार सदस्य के रूप में पूजा शर्मा, प्रभु लाल शर्मा, यशवंत कुमार वर्मा, गजराज सिंह चारण, अमित विजयवर्गीय, अशोक खटीक सियाणा और गजेन्द्र फुलवारियां को शामिल कर एक सशक्त टीम का गठन किया गया। संस्थान की मर्यादा और मार्गदर्शन हेतु संरक्षक मंडल में विजय सिंह राव, नारायण सिंह राव, महावीर प्रसाद बघेरवाल, प्रकाश चन्द्र बडोला, मुबारिक अजनबी और सम्पत उजाला जैसे अनुभवी नामों को स्थान दिया गया।

संस्थापक नारायण सिंह राव ने आगामी वर्ष के लिए साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों का खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान का उद्देश्य न केवल लेखन को बढ़ावा देना है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। जिलाध्यक्ष वीणा वैष्णव ने अपने संबोधन में साहित्य की प्रासंगिकता और लेखन कला की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रेरित किया। बैठक के अंत में तहसील अध्यक्ष मुकेश वैष्णव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन संगठन सचिव गायड सिंह चुण्डावत ने किया। नई कार्यकारिणी के इस गठन से आमेट के साहित्यिक गलियारों में उत्साह का संचार हुआ है, जिसे क्षेत्र की बौद्धिक प्रगति के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

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