आचार्य श्री तुलसी के 100वें दीक्षा दिवस पर तेरापंथ महिला मंडल ने आयोजित किया भव्य जप अनुष्ठान
आचार्य श्री तुलसी के 100वें दीक्षा दिवस के अवसर पर तेरापंथ महिला मंडल, आमेट द्वारा तेरापंथ सभा भवन में नौ घंटे तक भव्य जप अनुष्ठान आयोजित किया गया। महिलाओं ने जाप, स्वाध्याय और मौन साधना के माध्यम से आचार्य की शिक्षाओं और मानव मूल्यों को स्मरण किया।

उदयपुर। आचार्य श्री तुलसी के 100वें दीक्षा दिवस के अवसर पर तेरापंथ महिला मंडल, आमेट द्वारा तेरापंथ सभा भवन में भव्य जप अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान में महिलाओं ने आचार्य श्री तुलसी की साधना, सेवा और उनके द्वारा स्थापित मानव मूल्यों को स्मरण करते हुए नौ घंटे तक स्वाध्याय, मौन साधना और जाप का समर्पित आयोजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुआ। उपस्थित महिलाओं ने लयबद्ध "ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु जय तुलसी जय तुलसी" के जाप के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम में कुल 24 सहभागी, दो एकासन और एक आयंबिल ने भाग लिया। नौ घंटे तक चले इस अनुष्ठान में मौन साधना और तपस्वी स्वाध्याय का विशेष ध्यान रखा गया।
संस्था अध्यक्ष मंजू हिरण ने कहा कि आचार्य तुलसी का व्यक्तित्व समाज सुधार, अनुशासन और आध्यात्मिक जागरण का प्रेरक स्रोत है। उनका दीक्षा शताब्दी वर्ष मनाना प्रत्येक सदस्य के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा का अवसर है। आभार ज्ञापन महिला मंडल की मंत्री संगीता चंडालिया ने किया।
यह आयोजन न केवल आचार्य श्री तुलसी की शिक्षाओं और अनुशासन का स्मरण कराने वाला रहा, बल्कि समस्त सहभागी महिलाओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव और समाज सेवा की भावना को भी प्रबल करने वाला सिद्ध हुआ।
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Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
