पानी की एक-एक बूंद को तरसे ग्रामीण, खाली मटके लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं
केलवा में लगातार बढ़ते पेयजल संकट से परेशान महिलाओं का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। खाली मटके लेकर किए गए प्रदर्शन में जलदाय विभाग पर गंभीर आरोप लगाए गए। अब ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

सूरजपोल के पास बुधवार को पेयजल संकट से परेशान स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं खाली मटके हाथों में लेकर जलदाय विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए।
क्षेत्र में लगातार गहराते पेयजल संकट ने अब ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। शुद्ध और नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर बुधवार को महिलाओं का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। सूरजपोल के पास बड़ी संख्या में महिलाएं खाली मटके लेकर एकत्रित हुईं और जलदाय विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से नियमित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। कई मोहल्लों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। महिलाओं का कहना है कि पानी की व्यवस्था के लिए उन्हें दूर-दराज के इलाकों तक जाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। गर्मी और उमस के बीच जल संकट ने क्षेत्रवासियों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने विभाग से क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने, खराब पाइपलाइनों की मरम्मत कराने तथा तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए बार-बार आंदोलन करने की नौबत आना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जलदाय विभाग कार्यालय का घेराव करने सहित बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने भी महिलाओं के आंदोलन का समर्थन किया और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग की। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें प्रशासन और जलदाय विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि लंबे समय से चले आ रहे पेयजल संकट का स्थायी समाधान निकल सके और लोगों को राहत मिल सके।

Pratahkal Bureau
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