सियाणा: सिरोड़ी गांव में शमशान घाट की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश
ग्राम पंचायत सियाणा के सिरोड़ी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और अतिक्रमण के चलते ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

ग्राम पंचायत सियाणा के सिरोड़ी गांव में शमशान घाट पर टीनशेड और पक्के चबूतरे जैसी सुविधाओं की मांग को लेकर एकत्र होकर विरोध जताते ग्रामीण।
सुविधाओं का अभाव और दयनीय स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि सिरोड़ी गांव में आज तक न तो पक्का चबूतरा बना है, न ही टीनशेड या शेड की व्यवस्था है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है, जब खुले मैदान में पानी भर जाता है और अंतिम संस्कार करना कठिन हो जाता है। कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि लकड़ियां गीली हो जाती हैं, जिससे मजबूरीवश टायर, केरोसिन और पेट्रोल का सहारा लेना पड़ता है। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए अत्यंत पीड़ादायक और अपमानजनक है।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता
इस समस्या को लेकर निम्नलिखित ग्रामीणों ने अपनी आवाज उठाई:
- लक्ष्मण सिंह
- नरपत सिंह
- तुलसीराम
- मुरलीधर
- राय सिंह राठौड़
- नरपत सिंह राठौड़
- रणजीत सिंह राठौड़
- मनोहर सिंह राठौड़
इन ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार सांसद और विधायक को ज्ञापन सौंपा, लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत स्तर पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, परंतु शमशान घाट के विकास को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। गांव के लोगों का कहना है कि जब अन्य गांवों में मोक्ष धाम पर शेड, पानी की टंकी, बैठने की व्यवस्था और पक्के रास्ते जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो सिरोड़ी गांव को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है।
अतिक्रमण और दुर्गम मार्ग की समस्या
समस्या केवल सुविधाओं के अभाव तक सीमित नहीं है, बल्कि शमशान घाट तक जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर अतिक्रमण भी हो चुका है। रास्ता संकरा होने से अर्थी ले जाने में भी दिक्कत होती है। बरसात के दिनों में कीचड़ और गड्ढों के कारण मार्ग और भी दुर्गम हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पंचायत में कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन से प्रमुख मांगें और चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे पंचायत कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि मोक्ष धाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि गांव की आस्था और सम्मान से जुड़ा विषय है। उनकी प्रमुख मांगें निम्न हैं:
- शीघ्र पक्का प्लेटफॉर्म और टीनशेड का निर्माण।
- पानी की व्यवस्था और चारदीवारी का निर्माण।
- सोलर लाइट की स्थापना।
- मोक्ष मार्ग से अतिक्रमण हटाकर पक्का रास्ता बनाना।
जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के कथन
"हम कई सालों से मोक्ष धाम की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिलता है। बरसात में अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को ग्रामीणों की परेशानियों एवं पीड़ा समझनी चाहिए।" — श्याम कंवर, उपसरपंच ग्राम पंचायत सियाणा
"शमशान घाट पर न तो शेड है, न पानी की सुविधा। गीली लकड़ियों के कारण टायर और केरोसिन का सहारा लेना पड़ता है, जो बेहद दुखद है।" — बबलू कंवर, वार्ड पंच सिरोड़ी
"मोक्ष मार्ग पर अतिक्रमण होने से अर्थी ले जाने में भी दिक्कत आती है। हमने पंचायत में शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।" — नरपत सिंह राठौड़, ग्रामीण
"सांसद और विधायक को कई बार ज्ञापन दिया, फिर भी काम शुरू नहीं हुआ। जब आसपास के गांवों में सुविधा है तो हमारे गांव को क्यों वंचित रखा जा रहा है?" — मनोहर सिंह राठौड़, ग्रामीण
"मोक्ष धाम पर चबूतरा, शेड और पानी की व्यवस्था होना जरूरी है। यह हमारी बुनियादी आवश्यकता है। प्रशासन को इसके समाधान के कदम उठाने चाहिए।" — जोरावर सिंह, व्यवसाई सिरोड़ी

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