महोत्सव का कार्यक्रम एवं मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम को अंतिम रूप देते कार्यकर्ता बालूराम तेली ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन यज्ञ कर्म एवं देव पूजन किए जाएंगे। इसके साथ ही रामस्नेही संत रामचरण महाराज के मुखारविंद से नानी बाई का मायरा महोत्सव कथा का आयोजन किया जाएगा।

  • यह कथा 11, 12 एवं 13 फरवरी को प्रतिदिन सायं 7:30 बजे से रात्रि 10 बजे तक होगी।
  • 11 फरवरी: गणेश-गौरी पूजन, जल यात्रा, अग्नि स्थापना एवं ग्रह शांति के साथ शुरुआत।
  • 12 फरवरी: देव पूजन एवं यज्ञ कर्म।
  • 13 फरवरी: अष्ट होम एवं कुटीर कर्म।
  • 14 फरवरी: देव पूजन, यज्ञ कर्म के साथ वरघोड़ा निकाला जाएगा।

महाशिवरात्रि पर प्राण-प्रतिष्ठा एवं महाप्रसादी

महोत्सव का समापन 15 फरवरी, महाशिवरात्रि के अवसर पर होगा। इस दिन यज्ञ कर्म के साथ भगवान श्री ओंकारेश्वर महादेव की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति, महाआरती एवं महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।

सभी वैदिक अनुष्ठान पंडित उमेश द्विवेदी कसार, चारभुजा द्वारा संपन्न करवाए जाएंगे।


संतों का सानिध्य एवं अपील

आयोजन में निम्नलिखित संतों का सानिध्य रहेगा:

  • महामंडलेश्वर रामदास महाराज
  • महामंडलेश्वर अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी
  • चेतन नाथ महाराज
  • सीताराम दास महाराज
  • मनोहर दास महाराज
  • निर्मल राम महाराज
  • भगतराम महाराज

आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है:

"आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।"
Pratahkal Bureau

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