भवन एवं सनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल की हिताधिकारी निर्माण श्रमिक औजार/टूल किट सहायता योजना के निरस्त आवेदनों को लेकर पुनः आवेदन अथवा ऑनलाइन आवेदन का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है। आमेट से इस संबंध में अति श्रम आयुक्त एवं संयुक्त सचिव, भवन एवं सनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल, जयपुर को पत्र भेजा गया है।

राजस्थान असंगठित एवं निर्माण मज़दूर संघ इंटक के जिला अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने अति श्रम आयुक्त एवं संयुक्त सचिव भवन एवं सनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल, जयपुर को लिखे पत्र में बताया कि हिताधिकारी श्रमिक पंजीयन कार्ड के तीन वर्ष पूर्ण होने पर सरकार की औजार/टूल किट सहायता योजना के अंतर्गत पूर्व वर्षों में जिन श्रमिकों के आवेदन निरस्त हो गए थे, उनके निस्तारण के लिए किसी भी प्रकार का विकल्प उपलब्ध नहीं है।

पत्र में कहा गया है कि आवेदन निरस्त होने के बाद दोबारा आवेदन या ऑनलाइन प्रक्रिया का विकल्प नहीं होने से निर्माण मज़दूर निराश हो रहे हैं। जबकि मण्डल की अन्य योजनाओं में विकल्प उपलब्ध होने के कारण आवेदनों का निस्तारण भी हो रहा है और हिताधिकारियों को योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।

कैलाश चंद्र शर्मा ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि औजार/टूल किट सहायता योजना के निरस्त आवेदनों का निस्तारण कर हिताधिकारियों को राहत प्रदान की जाए तथा उन्हें सहायता राशि का लाभ दिलाया जाए।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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