निर्मल मन और संत संग से होती है भगवान की प्राप्ति: शाहपुरा चातुर्मास में संत मनसुखराम जी महाराज का संदेश
शाहपुरा में चातुर्मास के शुभारंभ पर सिंहाड़ हनुमान जी मंदिर से भव्य शोभायात्रा और कलश यात्रा निकाली गई। अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के संत श्री मनसुखराम जी महाराज ने निर्मल मन, संत संग और सत्संग के महत्व पर प्रवचन देते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया।

शाहपुरा के रामद्वारे में आयोजित सत्संग में भक्तों के बीच विराजमान संत श्री मनसुखराम जी महाराज।
शाहपुरा में चातुर्मास के शुभारंभ पर सिंहाड़ हनुमान जी मंदिर से भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। यह यात्रा कुमावत समाज के चारभुजा मंदिर से होते हुए शाहपुरा के उपला रामद्वारा, फौज मोहल्ला पहुंची, जिसमें नगर के अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।
कथा वाचन के लिए पधारे अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के युवा विद्वान संत श्री मनसुखराम जी महाराज ने प्रथम दिवस के प्रवचन में कहा कि शोभायात्रा के दौरान सिर पर कलश धारण करने से जीवन के क्लेश दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि जीव के दो ही सगे हैं, एक स्वयं परमात्मा और दूसरे सतगुरु महाराज। दोनों की प्राप्ति अत्यंत दुर्लभ है और उन्हें प्राप्त करने के लिए किसी न किसी देवस्थान पर संत का सानिध्य लेना पड़ता है।
संत श्री ने कहा कि जब जीवन में संत का सानिध्य प्राप्त होता है तो व्यक्ति की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। इसलिए जब भी अवसर मिले, सत्संग अवश्य सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा से मिलना जितना कठिन नहीं है, उससे अधिक कठिन मनुष्य का सरल बनना है।
प्रवचन के दौरान उन्होंने मानस का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान से पूछा गया कि वे किसे मिलते हैं। इस पर स्वयं तुलसीदास बाबा लिखते हैं कि जिसका मन निर्मल, पवित्र, छल-कपट से रहित होता है, उसी को परमात्मा के दर्शन होते हैं। संत श्री ने कहा कि निर्मलता ही भगवान की प्राप्ति का मार्ग है और इसी विषय पर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।
रामद्वारा की कार्यकारिणी के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष चातुर्मास 25 जुलाई से 21 अक्टूबर तक रहेगा। इस अवधि में प्रतिदिन सायंकाल 7:30 बजे से सत्संग का आयोजन होगा, जिसे सुनने के लिए श्रद्धालुओं से उपस्थित रहने का आग्रह किया गया।

Vinod Paliwal, Rajsamand
नाम: विनोद पालीवाल
वर्तमान पद: संवाददाता (खमनोर, नाथद्वारा), अध्यक्ष (हल्दीघाटी प्रेस क्लब)
कार्यक्षेत्र: खमनोर , हल्दीघाटी, तहसील खमनोर, जिला राजसमंद (राजस्थान)
बीट : राजनीति, स्वास्थ्य, और प्रशासन
विशेष कवरेज: जन समस्याएं, सरकारी योजनाएं, और भ्रष्टाचार से जुड़ी प्रशासनिक जांच
परिचय
विनोद पालीवाल राजस्थान के राजसमंद जिले के अंतर्गत आने वाले खमनोर और नाथद्वारा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, साथ ही वह हल्दीघाटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष पद का दायित्व भी संभाल रहे हैं। विनोद पालीवाल मुख्य रूप से क्षेत्र की राजनीति, स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक गतिविधियों को कवर करते हैं। स्थानीय जन समस्याओं को उठाना, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत दिखाना और प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग करना उनकी कार्यशैली का मुख्य हिस्सा है।
पत्रकारिता का अनुभव
विनोद पालीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वह सन 2000 से लगातार नियमित रूप से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर क्षेत्र में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- कला स्नातक (B.A.)
- कला स्नातकोत्तर - लोक प्रशासन (M.A. in Public Administration / लोक प्रशासन)
