राजसमंद। जिले में वाहन वित्त पोषण से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी के मामले ने सनसनी फैला दी है। पीपली अहीरान निवासी किशनलाल (40) ने आरोप लगाया है कि कमलेश और दिनेश सुखवाल ने धोखे से उनके नाम पर तीन स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर डाउन पेमेंट पर खरीदकर अपने पास रख लिए। इसके बाद इसी पैटर्न पर उनके अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी JCB और कई ट्रैक्टर खरीदवाए गए, जिनका वास्तविक लाभ आरोपी उठा रहे हैं।

किशनलाल के अनुसार, कनेरा थाने में पदस्थ सिपाही नेतराम मीणा ने इन वाहनों को आसपास के गांवों, मध्यप्रदेश के डिकेन क्षेत्र और अन्य स्थानों पर बेच दिया तथा कई वाहनों का किराया स्वयं वसूल रहा। पीड़ित ने बताया कि जब वह अपनी स्कॉर्पियो RJ30 UA 5765 को दौसा से लेने गए, तो नेतराम मीणा और हंसराज मीणा गैंग के 30–40 लोगों ने उन्हें घेरकर मारपीट की और वाहन जबरन छीन लिया।

किशनलाल ने यह भी आरोप लगाया कि 23 मई 2025 को रेलमगरा थाने में परिवाद देने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई और न ही कोई कार्रवाई हुई, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी सिपाही नेतराम मीणा पर अफीम और डोडे की अवैध तस्करी में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने आशंका जताई कि इन वाहनों का उपयोग तस्करी नेटवर्क में किया गया है।

किशनलाल ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रेलमगरा थाने को तुरंत FIR दर्ज करने, सभी वाहनों की जब्ती करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए जाएं।

दूसरी ओर, नेतराम मीणा ने सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि स्कॉर्पियो का एग्रीमेंट विधिवत कराया गया है और उन पर लगाए गए सभी दावे तथ्यहीन हैं।

यह मामला वाहन वित्त पोषण और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है और जिले में धोखाधड़ी के संभावित बड़े नेटवर्क का संकेत देता है।

Pratahkal Bureau

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