अमेट। अरावली पर्वत श्रृंखला की सुरक्षा को लेकर सोमवार को आमेट नगर में “अरावली बचाओ अभियान” के तहत जोरदार धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। नगरवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए अपने विरोध स्वरूप स्वेच्छिक व्यवसाय बंद रखा।

नगर के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं सुरेन्द्र सिंह, नरपतसिंह, राकेश कीर और पुष्पेन्द्र जांगिड ने बताया कि अरावली केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। यह पर्वत श्रृंखला वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर बनाए रखने, जैव विविधता संरक्षित करने और मरूस्थलीकरण रोकने में अहम भूमिका निभाती है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि अरावली क्षेत्र में बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स स्थापित करने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं, जो पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँचा सकती हैं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर सकती हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 48A और 51A(g) का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण राज्य और नागरिक दोनों का कर्तव्य है।

धरना प्रदर्शन और स्वेच्छिक बंद की कार्रवाई पन्नाधाय बस स्टैंड पर सुबह 10 बजे आयोजित की गई, जहाँ नगरवासियों ने लिखित ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि अरावली क्षेत्र में खनन और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि जल संकट, तापमान वृद्धि, वन्यजीवों के आवासों के नुकसान और प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को रोका जा सके।

अरावली बचाओ अभियान के इस आयोजन ने नगरवासियों और प्रशासन दोनों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया और सरकार पर स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Pratahkal Bureau

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