आमेट ()()। राजस्थान की जीवनरेखा और राष्ट्रीय प्राकृतिक धरोहर अरावली पर्वत श्रृंखला की सुरक्षा को लेकर सोमवार को आमेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर अधिवक्ता प्रहलाद सिंह चुण्डावत, समुन्दर सिंह चुण्डावत, प्रदीप सिंह राठौड़, विरेन्द्र सिंह चुण्डावत, डालचन्द्र जाट, मोहम्मद नूर शेख, मनोहर खटीक, सत्यनारायण व्यास और करणसिंह भाटी सहित कई अन्य अधिवक्ताओं ने भाग लिया।

ज्ञापन में अरावली पर्वत श्रृंखला की महत्वता पर विशेष जोर दिया गया है। अधिवक्ताओं ने बताया कि यह पर्वत श्रृंखला न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के लिए पर्यावरणीय संतुलन, वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर में वृद्धि, जैव विविधता की सुरक्षा और मरुस्थलीकरण को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में अरावली क्षेत्र को बड़े औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सौंपने की योजना बनाई जा रही है, जो पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकती है और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न कर सकती है।

अधिवक्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 48A और 51A(g) का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण राज्य और नागरिक दोनों का कर्तव्य है। ज्ञापन में सरकार से आग्रह किया गया कि अरावली क्षेत्र में खनन और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि राजस्थान में जल संकट, बढ़ते तापमान, वन्यजीवों के आवास के विनाश और प्राकृतिक आपदाओं की संभावनाओं को रोका जा सके।

इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि आमेट बार एसोसिएशन और अरावली बचाओ अभियान के सदस्य पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए गंभीर और संवेदनशील कदम उठा रहे हैं। इस ज्ञापन से प्रशासन के समक्ष एक मजबूत संदेश भी गया कि अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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