राजसमंद जिले के नाथद्वारा तहसील स्थित उपली ओडन गांव से एक अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी युवक की सादगी और मजबूरी का फायदा उठाकर उसकी पैतृक जमीन हड़पने का षड्यंत्र रचा गया है। 32 वर्षीय पीड़ित मनोज भील ने जिला कलेक्टर राजसमंद को दिए गए ज्ञापन में पांच नामजद लोगों पर धोखाधड़ी, धमकी देने और जबरन जमीन का मालिकाना हक हथियाने का आरोप लगाया है। इस घटना ने क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य गांवों में हड़कंप मचा दिया है, जहां अब न्याय की मांग जोर पकड़ रही है।

घटना के विवरण के अनुसार, 14 जून 2024 को पप्पूलाल प्रजापत और सोनू प्रजापत ने मनोज भील के घर पहुंचकर उसे एक नया आधार कार्ड बनवाने का प्रलोभन दिया। मनोज के अनुसार, वे उसे विश्वास में लेकर तहसील परिसर ले गए, जहां उसके भाई नारायणलाल भील, देवलाल भील और किशनलाल पहले से ही मौजूद थे। वहां मौजूद इन पांचों व्यक्तियों ने नया आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया का झांसा देकर मनोज से विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए। इसके बाद, उसे रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया, जहां उससे पुनः कई कागजों पर दस्तखत करवाए गए।

जब पीड़ित ने आधार कार्ड नहीं बनने और बार-बार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने को लेकर आपत्ति जताई, तो आरोपी पक्ष ने उसे गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ समय बाद मनोज ने अपने भतीजे के माध्यम से उक्त भूमि की रजिस्ट्री की प्रति निकलवाई। यह देखकर उसके होश उड़ गए कि उसकी पूरी खातेदारी जमीन धोखाधड़ी से किशनलाल पुत्र अम्बालाल गोमेती के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। पीड़ित का दावा है कि इस पूरे सौदे के एवज में उसे एक रुपया भी नहीं दिया गया और उसे अंधेरे में रखकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया।

मनोज भील ने पप्पूलाल प्रजापत, सोनू प्रजापत, किशनलाल, नारायणलाल और देवलाल के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि वह 1 अप्रैल 2026 को नाथद्वारा थाना और 4 मई 2026 को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी इस संबंध में शिकायत दर्ज करा चुका है, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से उसे जिला कलेक्टर के द्वार तक पहुंचना पड़ा। यह मामला केवल एक जमीन हड़पने की घटना नहीं, बल्कि एक गरीब और अशिक्षित व्यक्ति के अधिकारों के हनन का प्रतीक है, जिस पर प्रशासन की त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

Rahul Acharya, Rajsamand

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नाम: राहुल आचार्य

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें

परिचय 

राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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