राजसमंद जिले में एक आदिवासी व्यक्ति के साथ कथित धोखाधड़ी कर उसकी कृषि भूमि हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। ट्रक को न्यायालय से छुड़वाने के बहाने जमीन संबंधी दस्तावेज हासिल कर फर्जी तरीके से भूमि का पंजीयन करवाने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

राज्यावास निवासी बैनीराम उर्फ वैणीराम ने पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बताया कि 27 मार्च 2026 को मांगीलाल पुत्र मोहनलाल तेली उसे मोटरसाइकिल पर आमेट लेकर गया। आरोप है कि मांगीलाल ने उसे बताया कि पुलिस थाने में जब्त एक ट्रक को न्यायालय से छुड़वाने के लिए जमीनशुदा जमानती की आवश्यकता है। इसी बहाने उससे आधार कार्ड तथा भूमि संबंधी दस्तावेज साथ लाने के लिए कहा गया।

पीड़ित का कहना है कि वह अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखता है तथा अशिक्षित होने के कारण आरोपियों की बातों में आ गया। शिकायत के अनुसार बाद में उसके साथ धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और सामान्य अधिकार पत्र के माध्यम से उसकी कृषि भूमि का पंजीयन करवा लिया गया।

फरियादी ने आरोप लगाया है कि इस पूरे प्रकरण में मांगीलाल पुत्र मोहनलाल तेली, श्रीमती कन्नी पत्नी कैलाश भील, भंवरलाल पुत्र गोपीलाल गुर्जर, नवीन कुमार मीणा, मोहनी बाई पत्नी लालू भील तथा नंदलाल भील ने मिलकर साजिश रची। शिकायत में दावा किया गया है कि सभी आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी भूमि हड़पने का प्रयास किया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने, निष्पक्ष जांच करवाने तथा उसकी कृषि भूमि वापस दिलाने की मांग की है। अब इस मामले में पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Pratahkal Bureau

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