राजसमंद के भीम में नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान विधायक की चुप्पी पर सवाल उठाए।

राजसमंद। भीम तहसील के निकटवर्ती कालेटरा गांव में एक नाबालिग हिंदू बालिका से जुड़े संवेदनशील मामले को लेकर क्षेत्र की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी भीम को ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने क्षेत्रीय विधायक हरिसिंह रावत की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन पर तीखा हमला बोला है।

पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि हिंदू समाज के नाम पर राजनीति करने और हिंदुओं के वोट बैंक की बदौलत सत्ता के गलियारों तक पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि आज उस समय परिदृश्य से पूरी तरह गायब हैं, जब एक नाबालिग हिंदू बेटी न्याय पाने के लिए दर-दर की गुहार लगा रही है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्रीय विधायक हरिसिंह रावत को इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करनी चाहिए, पूरे घटनाक्रम की गहन समीक्षा करनी चाहिए और पीड़ित बालिका को न्याय दिलाने के लिए धरातल पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

पूर्व विधायक ने कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों को केवल चुनाव जीतने या कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं चुना है, बल्कि समाज के सुख-दुख और संकट के समय मजबूती से साथ खड़े रहने के लिए चुना है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जब क्षेत्र की ही एक मासूम बेटी न्याय के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है, तब विधायक की यह रहस्यमयी चुप्पी स्थानीय जनता के बीच भारी आक्रोश और गहरी चर्चा का विषय बनी हुई है।

मुख्यमंत्री को सौंपे गए इस ज्ञापन में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया है कि नाबालिग बालिका को पहले बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया और उसके बाद उसके साथ मानसिक प्रताड़ना, भारी दबाव और ब्लैकमेलिंग जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद से ही कालेटरा गांव सहित पूरे क्षेत्र के आम जनमानस में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल व्याप्त है।

इस ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने, पीड़ित बालिका एवं उसके पूरे परिवार को पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने, दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाने, इस पूरे प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने तथा मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

सुदर्शन सिंह रावत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस गंभीर मामले में समय रहते निष्पक्ष न्याय नहीं मिला, तो आम जनता का कानून व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और जल्द से जल्द न्यायोचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। वर्तमान में इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं अत्यधिक तेज हो गई हैं, वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित पक्ष के समर्थन में उतरकर पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।

Pratahkal Newsroom

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