राष्ट्र आराधना और मातृभूमि भक्ति की अमर गाथा ‘आनंदमठ’ उपन्यास पर विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पनोतीया में आयोजित परिचर्चा व्याख्यान कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में देशभक्ति का सशक्त संचार किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में नारायण सिंह राव, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं राजसमंद विभाग संयोजक ने अपने विचार व्यक्त किए।

अपने संबोधन में नारायण सिंह राव ने ‘आनंदमठ’ उपन्यास को राष्ट्र आराधना का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि यह कृति मां भारती की वंदना का ऐसा प्रेरक स्रोत है, जिसे पढ़कर मातृभूमि के प्रति निष्ठा और समर्पण का ज्वार उमड़ पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्मभूमि की वंदना का अमूल्य अमर गीत ‘वंदे मातरम’ इसी उपन्यास से लिया गया है, जिसे अंगीकार कर स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर करते हुए देश को आजादी दिलाई।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ओम प्रकाश मेवाड़ा ने छात्रों को साहित्य पठन के प्रति प्रेरित करते हुए ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत के उन्नत और उज्ज्वल भावों को प्रस्तुत किया। प्राध्यापक मुकेश कुमार सेन ने ‘आनंदमठ’ उपन्यास के पात्रों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन विषमताओं के संदर्भ में देशभक्ति के विचारों को विस्तार दिया।

वरिष्ठ अध्यापक हरलाल रैगर ने मंच संचालन करते हुए काव्य लेखन और सृजनात्मक अभिव्यक्ति कौशल के विकास से जुड़ी साहित्यिक जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम के दौरान छात्रा वंदना मेवाड़ा और छात्र धर्मेश मेवाड़ा ने ‘आनंदमठ’ उपन्यास और ‘वंदे मातरम’ गीत पर अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वाध्याय का संकल्प लिया।

इस अवसर पर संस्था प्रधान ओम प्रकाश मेवाड़ा, मुकेश सैन, व्याख्याता एवं मंच संचालन कर्ता हरलाल रैगर, प्रमोद गुर्जर, पन्ना लाल कुमावत, मोती सिंह, सतीश चांगेरीवाल, जयमाला शर्मा, रतन लाल चोरड़िया, सोहन लाल सालवी, हिंश्वेता सोलंकी तथा नरेश कुमार सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने साहित्य और राष्ट्रभक्ति के समन्वय को सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों में अध्ययन और स्वाध्याय के प्रति नई चेतना जागृत की।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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