राजसमंद: ब्रॉडगेज लाइन निर्माण में बाल श्रम और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप
राजसमंद में रेलवे ट्रैक निर्माण के दौरान नाबालिगों से काम कराने के आरोप लगे हैं, जिस पर सांसद की चेतावनी के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।

राजसमंद क्षेत्र में ब्रॉडगेज लाइन के निर्माण कार्य के दौरान रेलवे ट्रैक पर जोखिम भरे हालातों में काम करते मजदूर और उनके बच्चे।
सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर हो रहा कार्य
रेलवे जैसा जिम्मेदार विभाग, जो देशभर में अपनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाता है, वही राजसमंद में नियमों की खुलेआम अनदेखी करता नजर आ रहा है। राजसमंद क्षेत्र में चल रहे ब्रॉडगेज–लाइन निर्माण कार्य के दौरान रेलवे ठेकेदारों द्वारा नाबालिगों से काम करवाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार रेलवे विभाग द्वारा ठेकेदारों को दिए गए कार्य में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रखा जा रहा है।
मासूमों की जान जोखिम में
सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि:
- परिजन अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे हैं।
- इनमें कई बच्चे नाबालिग बताए जा रहे हैं।
यह स्थिति न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी खुला निमंत्रण है।
प्रशासनिक लापरवाही और चेतावनी की अनदेखी
बताया जा रहा है कि संबंधित ठेकेदार मजदूरों की जान की परवाह किए बिना काम करवा रहे हैं, जबकि रेलवे विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि:
"राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ द्वारा पूर्व में विभाग को इस गंभीर लापरवाही को लेकर चेतावनी भी दी जा चुकी है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।"
कानून और सुरक्षा का उल्लंघन
रेलवे ट्रैक जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में नाबालिगों से कार्य करवाना न केवल बाल श्रम कानून, बल्कि रेलवे सुरक्षा नियमों का भी खुला उल्लंघन है। यदि समय रहते विभाग ने संज्ञान नहीं लिया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
उठते सवाल
अब सवाल यह है कि क्या रेलवे विभाग ठेकेदारों की मनमानी पर लगाम लगाएगा या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद ही कार्रवाई की जाएगी?

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