राजसमंद जिले के रेलमंगरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पछमता गांव से विद्युत विभाग की कथित घोर लापरवाही का एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा मामला सामने आया है। गांव में अचानक फैले हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से जहां एक बेजुबान भैंस की मौके पर ही तड़पकर दर्दनाक मौत हो गई, वहीं इसकी जद में आने से एक महिला और एक पुरुष भी बुरी तरह झुलस गए। गनीमत यह रही कि समय रहते बचाव हो जाने से दोनों की जान बच गई, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

स्थानीय ग्रामीण रवि कुमार गाडरी ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पछमता गांव में लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मरों और विद्युत लाइनों से संबंधित समस्याओं के बारे में विभाग को पहले भी कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका था। इसके बावजूद कुंभकर्णी नींद में सोए विद्युत विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और ग्रामीणों की जायज शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों का स्पष्ट तौर पर आरोप है कि यदि विभाग ने समय रहते इन शिकायतों पर संज्ञान लेकर तारों व ट्रांसफॉर्मर को दुरुस्त कर दिया होता, तो आज यह दर्दनाक हादसा कभी घटित नहीं होता। यह पूरी घटना पूरी तरह से विद्युत विभाग की अनदेखी और लापरवाही का नतीजा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के रिहायशी इलाके में अचानक करंट फैल गया। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक भैंस इस करंट की चपेट में आ गई और करंट का झटका इतना जोरदार था कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसी दौरान पास में ही मौजूद एक महिला और एक पुरुष भी इस जानलेवा करंट की चपेट में आ गए। चीख-पुकार मचने पर आस-पास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते दोनों को सुरक्षित बचाया, जिससे उनकी जान बच सकी। इस भयावह घटना के तुरंत बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को हादसे की सूचना दी, लेकिन संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए कि सूचना के काफी देर बाद तक भी विभाग का कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।

कर्मचारियों के समय पर न पहुंचने से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने मौके पर भारी रोष प्रकट किया। वर्तमान में पूरे पछमता गांव में दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ है, क्योंकि खुले पड़े बिजली के तारों और फाल्ट के कारण लोग अब किसी और बड़े एवं जानलेवा हादसे की आशंका से बुरी तरह थराए हुए हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए और गांव की जर्जर विद्युत व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के जानलेवा हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।

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