राजसमंद: निजी स्कूलों ने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी को सौंपा ज्ञापन
निजी विद्यालय संगठन ने आरटीई भुगतान में देरी और प्रशासनिक विसंगतियों को लेकर गांवगुडा में वित्त मंत्री से मिलकर राहत की मांग की।

राजसमंद प्रवास के दौरान गांवगुडा में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी को ज्ञापन सौंपते निजी विद्यालय संगठन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।
आमेट, राजसमंद। निजी विद्यालयों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और बढ़ती प्रशासनिक विसंगतियों के बीच निजी विद्यालय संगठन, जिला राजसमंद का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दीया कुमारी से राजसमंद प्रवास के दौरान गांवगुडा में मिला और ज्वलंत समस्याओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए निजी विद्यालयों के साथ हो रहे भेदभाव और वित्तीय संकट पर गहरी चिंता जताई तथा तत्काल राहत की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विद्यालयों के करोड़ों रुपये के क्लेम बिल कई वर्षों से लंबित हैं, जिससे संस्थानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। इसके साथ ही राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान को लेकर दिए गए आदेशों की विभाग द्वारा अब तक अनुपालना नहीं किए जाने को गंभीर विषय बताते हुए तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने बढ़ती महंगाई और वास्तविक संचालन लागत का हवाला देते हुए RTE यूनिट कॉस्ट के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता पर जोर दिया और भविष्य के लिए एक पारदर्शी, टाइम-बाउंड ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम विकसित करने की मांग भी रखी। इसके अलावा 181 हेल्पलाइन के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा गया कि कुछ अभिभावक फीस जमा न करने के उद्देश्य से मिथ्या शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं, जिन पर बिना विद्यालय का पक्ष सुने एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जिससे संस्थानों की साख प्रभावित हो रही है।
टीसी (TC) से जुड़ी विसंगतियों पर भी संगठन ने आपत्ति जताई और कहा कि बिना बकाया शुल्क चुकाए सीधे विभाग से टीसी जारी करवाने का दबाव अनुचित है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक रूप से पीड़ित अभिभावकों को राहत देने के लिए वह स्वयं जिम्मेदारी निभाएगा।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में जिला संयोजक एवं संरक्षक मंडल सदस्य लाल सिंह झाला, संरक्षक मंडल सदस्य देवेन्द्र सिंह चौहान, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा, जिला सचिव गिरीश पालीवाल, जिला कोषाध्यक्ष डॉ. किरण कुमार गन्ना, संगठन मंत्री शिव शंकर पूर्वीया, श्रीमती ज्योत्सना चौहान, देलवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष चतर सिंह चौहान, दिलीप जोशी, नारायण लाल डांगी, परवेन्द्र सिंह मावली, प्रवक्ता बाबू लाल किर, शकील मोहम्मद, शांता मेघवाल, भरत कुमावत एवं कैलाश शर्मा सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री इन मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए निजी विद्यालयों को आर्थिक और प्रशासनिक न्याय प्रदान करेंगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में संतुलन और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
