राजसमंद: निजी स्कूलों ने आरटीई पुनर्भरण और मान्यता नियमों के सरलीकरण हेतु अभियान छेड़ा
जिला स्तरीय हस्ताक्षर अभियान के जरिए निजी शिक्षण संस्थानों ने बकाया आरटीई भुगतान और प्रशासनिक जटिलताओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

शकिल मोहम्मद, कैलाश शर्मा, डॉ. गिरिश पालीवाल, हंस राज गिरी गोस्वामी, लाल सिंह झाला, जवानसिंह देवड़ा और चम्पालाल गाडरी।
जिला मुख्यालय स्थित इन्टरनेशनल पब्लिक स्कूल, कांकरोली से निजी विद्यालय संगठन, जिला राजसमंद द्वारा निजी शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक जिला स्तरीय हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के निजी विद्यालयों के संचालन में आ रही विसंगतियों और विभिन्न ज्वलंत समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
अभियान के तहत तैयार परिवेदना में निजी स्कूलों से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। इसमें पिछले कई वर्षों से बकाया आर.टी.ई. (RTE) पुनर्भरण राशि के अविलंब भुगतान की मांग की गई है, साथ ही प्री प्राईमरी कक्षाओं के पुनर्भरण को भी शामिल किया गया है। मान्यता नियमों में सरलीकरण की मांग करते हुए निजी विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा अनावश्यक प्रशासनिक दबाव और बार-बार होने वाले भौतिक सत्यापन को व्यवहारिक बनाने की आवश्यकता जताई गई है। निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के कल्याण और आधारभूत ढांचे के विकास हेतु विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की मांग भी परिवेदना में शामिल है।
इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से तैयार परिवेदना को माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार एवं माननीय शिक्षा मंत्री को प्रेषित किया जाएगा। साथ ही इसकी एक-एक प्रति माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार एवं माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी भेजी जाएगी, ताकि निजी विद्यालयों की समस्याओं पर उच्च स्तर पर संज्ञान लिया जा सके।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही, जिनमें हंस राज गिरी गोस्वामी जिला संरक्षक, लाल सिंह झाला, संयोजक व संरक्षक डॉ. गिरिश पालीवाल, जिला सचिव जवानसिंह देवड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवशंकर पुर्बिया, संगठन महामंत्री चम्पालाल गाडरी, खमनोर के चतरसिंह चौहान, देलवाड़ा के नरेन्द्र सिंह झाला, दिलीप जोशी, खमनोर के भरत कुमावत, राजसमंद के शकिल मोहम्मद, नाथद्वारा के कैलाश शर्मा, राजसमंद सहित अन्य उपस्थित रहे।
यह अभियान न केवल निजी शिक्षण संस्थानों की समस्याओं को उजागर करने का प्रयास है, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार तक संगठित रूप से आवाज पहुंचाकर समाधान की दिशा में ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
