राजसमंद: निजी विद्यालय संचालकों की हुंकार, सुरेन्द्र पुर्बिया बने 'जयपुर चलो' के जिला प्रभारी
राजसमंद में निजी विद्यालय संचालकों ने भरी जयपुर चलो की हुंकार। सुरेन्द्र पुर्बिया के नेतृत्व में बनी नई जिला संघर्ष समिति। शिक्षा जगत की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर होगा बड़ा आंदोलन। क्या सरकार सुनेगी उनकी आवाज?

आमेट (राजसमंद)। निजी विद्यालयों के हितों के संरक्षण, संवर्धन और उनके स्वाभिमान की रक्षा के लिए संकल्पित 'निजी विद्यालय संघर्ष समिति, राजस्थान' की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय महा-संवाद बैठक का आयोजन राजसमंद में किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल क्षेत्र के शिक्षाविदों को एक मंच पर ला खड़ा किया, बल्कि राज्य सरकार के समक्ष अपनी न्यायसंगत मांगों को मजबूती से रखने के लिए एक संगठित और अनुशासित बिगुल भी फूंक दिया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी प्रदेश स्तरीय 'जयपुर चलो' महा-अभियान की तैयारियों को लेकर गहन चिंतन-मंथन किया गया और संघर्ष की आगामी रूपरेखा तय की गई।
कार्यक्रम के दौरान संगठन की मजबूती और आंदोलन को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए राजसमंद जिला स्तरीय संघर्ष समिति का विधिवत गठन किया गया। इस प्रक्रिया में उपस्थित प्रबुद्ध पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों की सर्वसम्मति से सुरेन्द्र पुर्बिया को 'जयपुर चलो' महा-अभियान के लिए राजसमंद इकाई का जिला प्रभारी मनोनीत किया गया। जिम्मेदारी संभालने के बाद नवनियुक्त जिला प्रभारी सुरेन्द्र पुर्बिया ने अपनी कार्ययोजना स्पष्ट करते हुए कहा कि वे शीघ्र ही जिले के सभी ब्लॉकों का सघन दौरा करेंगे। इस दौरान वे ब्लॉक स्तर पर बैठकों का आयोजन कर मजबूत टोलियों का गठन करेंगे, जो महा-अभियान को अभूतपूर्व संबल प्रदान करेंगी।
बैठक में लाल सिंह झाला, डॉ. गिरीश पालीवाल, शिवशंकर पुर्बिया, योगेश पुर्बिया, कैलाश शर्मा, दिलीप जोशी, किरण कुमार गन्ना, जवान सिंह देवड़ा, शकील मोहम्मद, मुबारिक अजनबी, बाबू लाल कीर और देवेंद्र गर्ग सहित अनेक वरिष्ठ संचालक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में अपनी नौ सूत्रीय मांगों को दोहराया, जिनमें आरटीई के लंबित भुगतान, प्री-प्राइमरी बजट का निर्धारण, प्रति विद्यार्थी यूनिट कॉस्ट में वृद्धि और विद्यालयों पर थोपे गए अव्यावहारिक आदेशों को वापस लेने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करती, तब तक यह अनुशासित संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
