राजसमंद: निजी विद्यालय संगठन का धरना सफल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
आरटीई भुगतान और नीतिगत विसंगतियों के समाधान हेतु राजसमंद के 423 निजी स्कूलों के संचालकों ने जिला स्तरीय प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन दिया।

राजसमंद जिला मुख्यालय पर आरटीई भुगतान और विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते निजी विद्यालय संगठन के पदाधिकारी और संचालक।
राजसमंद/आमेट:
निजी विद्यालयों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर निजी विद्यालय संगठन, जिला राजसमंद द्वारा आज जिला स्तरीय धरना एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर के 423 विद्यालयों से प्रतिनिधि शामिल हुए तथा लगभग 1000 निजी विद्यालय संचालक एवं शिक्षक उपस्थित रहे, जिससे आयोजन अत्यंत प्रभावशाली एवं सफल रहा।
प्रमुख अतिथि एवं अध्यक्षता
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संरक्षक मंडल सदस्य हंसराज गिरी गोस्वामी रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह चौहान ने की।
विचार अभिव्यक्ति एवं ज्वलंत मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान संगठन पदाधिकारियों एवं विभिन्न ब्लॉकों से आए प्रतिनिधियों ने निजी विद्यालयों की वर्तमान परिस्थितियों, RTE भुगतान में हो रहे विलंब, नीतिगत विसंगतियों, परीक्षा एवं खेल गतिविधियों में भेदभाव तथा निजी शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
संबोधन देने वाले प्रमुख पदाधिकारी
सभा को संबोधित करने वालों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित वक्ता शामिल रहे:
- गिरीश पालीवाल (जिला सचिव)
- जवान सिंह देवड़ा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)
- ईश्वरलाल वर्मा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)
- कैलाश शर्मा, भरत कुमावत, भंवर लाल कुमावत (संरक्षक मंडल सदस्य)
- बहादुर सिंह तंवर (ब्लॉक अध्यक्ष कुंभलगढ़)
- चम्पालाल गायरी (ब्लॉक अध्यक्ष खमनोर)
- चतर सिंह चौहान (ब्लॉक अध्यक्ष देलवाड़ा)
- राकेश कुमार (ब्लॉक अध्यक्ष भीम)
- विनोद व्यास (ब्लॉक अध्यक्ष रेलमगरा)
- यशवंत शर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष राजसमंद)
- मुबारिक अजनबी (ब्लॉक अध्यक्ष आमेट)
- सी.पी. जोशी (जिला अध्यक्ष, भीलवाड़ा)
- शिव शंकर पूर्बिया (संगठन महामंत्री)
- शिव प्रसाद सनाढ्य (जिला कार्यकारिणी सदस्य)
- अनीता सोनी (जिला कार्यकारिणी महिला सदस्य)
- शांता मेघवाल (जिला कार्यकारिणी महिला सदस्य)
वक्ताओं के विचार एवं मांगें
वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि: "निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं और समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, किंतु वर्तमान में वे आर्थिक, प्रशासनिक एवं नीतिगत दबावों से जूझ रहे हैं।" सरकार से संवाद स्थापित कर न्यायसंगत समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कलेक्टर को ज्ञापन एवं भविष्य की राह
धरना कार्यक्रम के पश्चात सभी पदाधिकारी एवं सदस्य रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुँचे, जहाँ जिला कलेक्टर महोदय को माननीय शिक्षा मंत्री, राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में RTE भुगतान, यूनिट कॉस्ट संशोधन, नीतिगत विसंगतियों की समीक्षा, निजी विद्यालयों के साथ समान व्यवहार एवं संवाद व्यवस्था स्थापित करने जैसी प्रमुख माँगें रखी गई हैं।
संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि: "यह आंदोलन टकराव के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु संवाद और समाधान की पहल है।" यह पूरा कार्यक्रम समयबद्ध, अनुशासित एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

