राजसमंद: निजी विद्यालय संगठन की बैठक में आरटीई पुनर्भरण पर कड़े निर्णय
गायत्री पब्लिक स्कूल में आयोजित बैठक में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए सहयोग शुल्क लेने और प्रशासनिक आदेशों को केवल लिखित में स्वीकार करने का प्रस्ताव पारित हुआ।

आमेट/राजसमंद। जिला मुख्यालय स्थित गायत्री पब्लिक स्कूल धोईन्दा में निजी विद्यालय संगठन राजसमंद की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक वरिष्ठ उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में निजी शिक्षण संस्थानों की ज्वलंत समस्याओं और आरटीई (RTE) पुनर्भरण के मुद्दों पर कड़े निर्णय लिए गए। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों द्वारा देवगढ़ ब्लॉक के नव नियुक्त अध्यक्ष रूप सिंह चौहान का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
डॉ. गिरीश पालीवाल द्वारा संचालित इस सभा को संरक्षक मण्डल सदस्य लाल सिंह झाला, खमनोर ब्लॉक अध्यक्ष चम्पालाल गाडरी, देलवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष चतर सिंह चौहान, देवगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रूप सिंह चौहान, जिला कोषाध्यक्ष डॉ. किरण कुमार गन्ना, भीम ब्लॉक अध्यक्ष राकेश कुमार, भरत कुमावत राजसमन्द, महेश कुमार सोलंकी कुम्भलगढ़, यशवन्त त्रिपाठी आमेट, राजेन्द्र सिंह देवगढ़, गजेन्द्र सिंह राव आमेट, अभिषेक पालीवाल नाथद्वारा, उदयलाल टांक नाथद्वारा, सुरेश पूर्बिया, रेखा वर्मा और शीतल जोशी राजसमन्द ने संबोधित किया।
बैठक में सर्वसम्मति से यह बड़ा निर्णय लिया गया कि अब प्री-प्राइमरी कक्षाओं (PP3+, PP4+, PP5+) में आरटीई के तहत प्रवेशित अभिभावकों से विद्यालय द्वारा सहयोग शुल्क लिया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में सरकार इन कक्षाओं के पुनर्भरण का भुगतान कर देती है, तो यह राशि अभिभावकों को वापस लौटा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिन अभिभावकों का शुल्क बकाया है और वे विशेष परिस्थितियों के कारण भुगतान करने में असमर्थ हैं, उन्हें विद्यालय प्रबंधन से मिलकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी तथा नोटरी सहित लिखित शपथ पत्र देना होगा। सामान्य परिस्थितियों में शुल्क बकाया रखने वाले अभिभावकों को टी.सी. (T.C.) जारी नहीं करने का सख्त निर्णय भी लिया गया।
प्रशासनिक स्तर पर संगठन ने तय किया कि ब्लॉक एवं जिला स्तरीय कार्यालयों से जारी होने वाले आदेश केवल लिखित रूप में ही विद्यालय कार्यालय में स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही, बाल वाहिनी की फिटनेस प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु राजसमंद में ही फिटनेस सेंटर शुरू करवाने के लिए विभाग को पत्र लिखने का प्रस्ताव पारित हुआ। बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि आरटीई के बकाया पुनर्भरण और अन्य विभागीय समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रतिनिधिमंडल राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा भारत सरकार के शिक्षा मंत्री से भेंट कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा ताकि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण हो सके।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
