राजसमंद: पड़ोसी की रंजिश में सुपारी देकर हमला कराने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने एक महीने के भीतर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य साजिशकर्ता मनोज सहित सभी आरोपियों को दबोचा; पानीपुरी व्यापारी पर हुआ था जानलेवा हमला।

राजसमंद, 2 मई। राजसमंद जिले में कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता और पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल की सख्ती का बड़ा असर देखने को मिला है, जहां पुलिस ने पड़ोस की मामूली रंजिश में रचे गए एक खौफनाक 'सुपारी कांड' का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। एक युवक पर सुपारी देकर जानलेवा हमला करवाने के इस गंभीर मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज एक महीने के भीतर सभी कड़ियों को जोड़कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की संपूर्ण क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के कुशल निर्देशन में थाना अधिकारी सरोज बेरवा की टीम ने इस पेचीदा मामले की गुत्थी सुलझाई। पुलिस अनुसंधान के अनुसार, इस पूरे षडयंत्र का सूत्रधार मुख्य आरोपी मनोज था, जिसने खुद को कानून की नजरों से बचाने के लिए पर्दे के पीछे रहकर एक गुप्त साजिश रची। मनोज ने पड़ोस में चल रहे मामूली विवाद का बदला लेने के उद्देश्य से अन्य बदमाशों को मोटी रकम की सुपारी दी और एक पानीपुरी व्यापारी युवक पर सुनियोजित तरीके से हमला करवाया।
घटनाक्रम के अनुसार, पड़ोस की रंजिश ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया जब सुपारी लेकर आए हमलावरों ने युवक को घेरकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोपियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए पीड़ित के हाथ-पैर तोड़ दिए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया था। थाना अधिकारी सरोज बेरवा ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सहायता से लगातार दबिश दी। पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों को चिन्हित किया और अंततः वारदात में शामिल सात लोगों को धर-दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में एक विधि से संघर्षरत बालक (बाल आरोपी) भी शामिल है, जिसे नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है।
राजसमंद पुलिस की इस प्रभावी कार्यशैली ने न केवल अपराधियों के मंसूबों को पस्त किया है, बल्कि आमजन के बीच पुलिस और कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की इस सक्रियता से अपराधियों में भय व्याप्त होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।

