राजसमंद जिले की नाथद्वारा तहसील अंतर्गत जालौ क्षेत्र के मदार गांव में पिछले कई दिनों से व्याप्त पैंथर का खौफ अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। ग्रामीणों के लिए दहशत का सबब बनी मादा पैंथर अंततः वन विभाग द्वारा बिछाए गए जाल में फंस गई। गौरतलब है कि इस पैंथर ने अल्प समय में ही करीब आठ बकरियों को अपना निवाला बना लिया था, जिसके चलते समूचे क्षेत्र में असुरक्षा और भय का वातावरण बना हुआ था।

ग्रामीणों की निरंतर शिकायतों और गंभीर स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में पिंजरा लगाया था। बीती देर रात शिकार की तलाश में निकली मादा पैंथर इस पिंजरे में कैद हो गई। पैंथर के पकड़े जाने की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल नाथद्वारा रेंज के सहायक वनपाल नंदलाल गमेती को दी, जिन्होंने सक्रियता दिखाते हुए राजसमंद रेस्क्यू टीम को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। सूचना पाकर रेस्क्यू टीम के सत्यानंद गरासिया, शूटर सुरेंद्र सिंह, पन्नालाल कुमावत और रीना झाला तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

जांच के पश्चात यह पुष्टि हुई कि पिंजरे में कैद पैंथर एक स्वस्थ मादा है, जिसकी आयु लगभग 5 वर्ष है। रेस्क्यू टीम ने पूर्ण सावधानी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उसे दूसरे पिंजरे में स्थानांतरित किया। तत्पश्चात, नाथद्वारा रेंज के वनरक्षक अश्विन और चंदन सिंह सहित वन विभाग की टीम ने उच्च अधिकारियों से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार मादा पैंथर को सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास यानी घने जंगल में मुक्त कर दिया। इस सफल ऑपरेशन के बाद मदार गांव के निवासियों ने राहत की सांस ली है और वन विभाग की मुस्तैदी की सराहना की है।

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