राजसमंद। जिले में ओवरलोड वाहनों की बढ़ती समस्या के बीच परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग की अनदेखी के चलते अब समाज भी इस मुद्दे पर आगे आने लगा है। इसी क्रम में समाजसेवी एल.ए. आमेटा ने सड़कों पर ओवरलोड ट्रकों को रुकवाकर ड्राइवरों से ओवरलोड वाहन नहीं चलाने की अपील की।

समाजसेवी ने पैर पकड़कर की भावुक अपील

बताया जा रहा है कि आमेटा ने ट्रक चालकों से पैर पकड़कर भी निवेदन किया कि वे ओवरलोड वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें। इस दौरान जब कुछ वाहनों को रुकवाकर उनके दस्तावेज जांचे गए तो कई ट्रकों के कागजात अधूरे पाए गए। समाजसेवी का कहना है कि "इस समस्या को लेकर कई बार परिवहन विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते मजबूरन समाज को ही आगे आकर पहल करनी पड़ रही है।"

भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता उजागर

वहीं एक वाहन मालिक से बातचीत के दौरान यह भी सामने आया कि "हर महीने करीब 20 हजार रुपये का चालान कटवाकर पूरे महीने ओवरलोड वाहन चलाने की बात कही गई।" ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं और नियमों की खुलेआम अवहेलना होती दिखाई दे रही है। ### बढ़ते हादसों का खतरा और स्थानीय चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ओवरलोड वाहनों से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहेगा। समाजसेवी एल.ए. आमेटा द्वारा की गई इस अनोखी पहल ने परिवहन विभाग की "गहरी नींद" पर कड़ा प्रहार किया है।

Pratahkal Bureau

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