राजसमन्द। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-162ई पर भू-रूपांतरण की शर्तों के विपरीत किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत के बाद तहसीलदार खमनोर ने संबंधित भू-स्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तीन दिन के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश की पालना नहीं की गई तो भू-रूपांतरण आदेश निरस्त करने सहित राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तहसीलदार कार्यालय की ओर से 14 जुलाई 2026 को खमनोर निवासी भरत कुमार सोनी के नाम नोटिस जारी किया गया। नोटिस में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-162ई से सटी भूमि पर नियमों के विपरीत निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर पटवारी से मौके की जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि संबंधित भूमि का 11 फरवरी 2026 को व्यावसायिक (दुकान) प्रयोजन के लिए भू-रूपांतरण स्वीकृत किया गया था।

जांच में पाया गया कि भू-रूपांतरण स्वीकृति के साथ निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग-162ई के मध्य बिंदु से लगभग 28.5 मीटर की दूरी पर किया जा रहा था, जबकि भू-रूपांतरण आदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे निर्माण संबंधी निर्धारित मानकों एवं शर्तों का पालन करना अनिवार्य किया गया था।

प्रथम शिकायत मिलने पर 14 जुलाई को पटवारी ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बाद में दोबारा शिकायत मिलने पर राजस्व टीम ने पुनः स्थल निरीक्षण किया, जहां निर्माण कार्य जारी पाया गया। इसे भू-रूपांतरण आदेश की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए तहसीलदार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।

नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वर्तमान में किए जा रहे निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा अब तक किए गए निर्माण को हटाकर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप ही निर्माण कार्य किया जाए। संबंधित पक्ष को नोटिस जारी होने की तिथि से तीन दिन के भीतर तहसील कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

तहसीलदार ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया अथवा निर्माण कार्य जारी रखा गया तो इसे भू-रूपांतरण आदेश की शर्तों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसी स्थिति में राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के तहत भू-रूपांतरण आदेश निरस्त करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नोटिस की प्रतिलिपि जिला कलक्टर राजसमंद, उपखंड अधिकारी नाथद्वारा तथा थाना अधिकारी खमनोर को भी भेजी है। थाना अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित स्थल पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाए तथा आदेश की पालना सुनिश्चित कराई जाए।

राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे निर्माण कार्य के लिए निर्धारित दूरी एवं सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बनाए रखना, भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता को ध्यान में रखना तथा दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है। खमनोर में नियमों के उल्लंघन को लेकर की गई यह कार्रवाई राजमार्ग किनारे होने वाले निर्माणों की निगरानी और प्रशासनिक सख्ती को दर्शाती है।

Pratahkal Newsroom

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