राजसमंद: बीमा राशि के लिए भाई ने की भाई की हत्या, पुलिस ने 4 आरोपी पकड़े
देवगढ़ में 6 मार्च को हुई हत्या को सड़क हादसा बताने की साजिश नाकाम, विधायक सुदर्शन सिंह रावत की चेतावनी के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार।

राजसमंद के देवगढ़ थाना पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी दुधसिंह और उसके साथी, जिन्होंने बीमा राशि हड़पने के लिए देवीसिंह की हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप दिया था।
विधायक सुदर्शन सिंह रावत की चेतावनी के बाद हरकत में आई पुलिस—एक तारीख तक कार्रवाई नहीं होने पर थाने के घेराव की दी थी चेतावनी
राजसमंद के देवगढ़ थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बीमा राशि हड़पने के लालच में एक कलयुगी भाई ने अपने ही सगे भाई की हत्या कर उसे सड़क हादसा दिखाने की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
बीमा राशि के लिए रची गई मौत की साजिश
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी दुधसिंह उर्फ दिनेशसिंह ने अपने भाई देवीसिंह के नाम पर पहले ही मोटी रकम की दुर्घटना बीमा पॉलिसियां करवा रखी थीं। करीब 4-5 महीने पहले रची गई इस साजिश के तहत होली के बहाने देवीसिंह को गुजरात से बुलाया गया और योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या कर दी गई। घटना 6 मार्च 2026 की बताई जा रही है, जब आरोपियों ने पहले देवीसिंह को शराब पिलाई और उसका मोबाइल फ्लाइट मोड पर डाल दिया। इसके बाद उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर सिर पर पत्थर से वार कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या को हादसा दिखाने के लिए शव को कुण्डेली रोड पर मोटरसाइकिल सहित गिरा दिया गया, ताकि मामला सामान्य सड़क दुर्घटना प्रतीत हो।
पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
अगले दिन आरोपी ने खुद थाने पहुंचकर एक्सीडेंट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच में कॉल डिटेल और लोकेशन से पूरे मामले का खुलासा हो गया। डिप्टी राकेश शर्मा ने जांच अपने हाथ में लेकर गहन पूछताछ की, जिसमें चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दुधसिंह उर्फ दिनेशसिंह (मृतक का भाई), भगवानसिंह निवासी बडावास बगड़, सुरेन्द्रसिंह निवासी गणेशपुरा रावली (ब्यावर) और टीकमसिंह निवासी मील का पुट्टा (भीम) शामिल हैं। मामले के खुलासे में देवगढ़ थानाधिकारी मुकेश कुमार चौधरी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही है।
ग्रामीणों की एकजुटता और विधायक की चेतावनी
इस पूरे मामले में बगड़ ग्रामवासियों की एकजुटता निर्णायक साबित हुई। ग्रामीणों ने पिछले 20 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की और प्रशासन पर दबाव बनाए रखा। आखिरकार सच्चाई सामने आने के बाद गांव में भावुक माहौल देखने को मिला और इसे ग्रामीणों की बड़ी जीत माना जा रहा है। वहीं, पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि "यदि एक तारीख तक कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा।" इसके बाद ही पुलिस हरकत में आई और मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
न्याय की जीत
चेतावनी के बाद खुला हत्याकांड का राज—लालच में रिश्तों का कत्ल, लेकिन जनता की आवाज बनी न्याय की वजह।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
