राजसमंद। भक्ति और राजनीति के संगम की एक भव्य तस्वीर आज धर्मनगरी नाथद्वारा में देखने को मिली, जहाँ नई दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रभु श्रीनाथजी के दरबार में हाजिरी लगाई। पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा की प्रखर नेता दिवंगत सुषमा स्वराज की सुपुत्री बांसुरी स्वराज शनिवार को राजसमंद जिले के ऐतिहासिक प्रवास पर रहीं, जहाँ उन्होंने पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में पूर्ण श्रद्धा के साथ दर्शन लाभ प्राप्त किए।

सांसद स्वराज के इस दौरे का मुख्य आकर्षण प्रभु श्रीनाथजी के सम्मुख सजा 'छप्पन भोग' मनोरथ रहा। अलौकिक श्रृंगार और व्यंजनों के इस विराट दर्शन ने उन्हें भावविभोर कर दिया। दर्शन के उपरांत परंपराओं का निर्वहन करते हुए वे मंदिर के मोती महल पहुंचीं, जहाँ उन्होंने तिलकायत पुत्र चिरंजीव विशाल बावा से भेंट की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान बांसुरी स्वराज ने विशाल बावा के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार, विशाल बावा ने उन्हें उपरना ओढ़ाकर और प्रसाद भेंट कर उनका आत्मीय समाधान किया।

इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन और वीआईपी प्रवास के दौरान मंदिर प्रबंधन की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, मंदिर मंडल बोर्ड के सदस्य सुरेश भाई सांघवी, समीर चौधरी, तिलकायत सलाहकार अंजन शाह, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य और कैलाश पालीवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह यात्रा न केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व का धार्मिक जुड़ाव दर्शाती है, बल्कि नाथद्वारा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मंदिर परंपराओं के प्रति उनके अटूट विश्वास को भी रेखांकित करती है। प्रभु के दर्शन और गुरुजनों के आशीर्वाद के साथ बांसुरी स्वराज का यह राजसमंद दौरा आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

Pratahkal Newsroom

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