राजसमंद: विधायक पुत्र रणजीत सिंह पर जेसीबी से मकान ढहाने का आरोप, एफआईआर दर्ज
भीम थाना क्षेत्र में तीन परिवारों ने भाजपा जिला मंत्री रणजीत सिंह पर पट्टाशुदा मकानों को रात के अंधेरे में तोड़ने और सामान नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है।

राजसमंद जिले के भीम थाना क्षेत्र में पीड़ित परिवारों द्वारा विधायक पुत्र रणजीत सिंह के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर की प्रति और घटनास्थल का दृश्य।
राजसमंद जिले के भीम थाना क्षेत्र में तीन परिवारों ने भाजपा जिला मंत्री एवं विधायक हरिसिंह रावत के पुत्र रणजीत सिंह पर उनके वैध एवं रजिस्ट्रीशुदा मकानों को जेसीबी से गिराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में पीड़ितों द्वारा पुलिस थाना भीम में एफआईआर दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट के अनुसार घटना 8 मार्च 2026 की रात करीब 9 बजे की बताई गई है। रात के अंधेरे में मकान गिराने का आरोप है और घर का सामान भी मलबे में दब गया है।
पट्टा और रजिस्ट्री के बावजूद कार्रवाई का आरोप
एफआईआर में नर्वदा देवी, गीता देवी और रघुवीर सिंह ने बताया कि "उनके मकान ग्राम पंचायत द्वारा जारी पट्टों के आधार पर विधिवत रजिस्ट्रीशुदा थे और वे वर्षों से वहां निवास कर रहे थे।" पीड़ितों का आरोप है कि मकानों में बने कमरे, पानी की टंकी, शौचालय सहित पूरा ढांचा जेसीबी से गिरा दिया गया, जिससे घरों में रखा फर्नीचर, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी नष्ट हो गया।
कम दाम में जमीन बेचने का दबाव और धमकियाँ
पीड़ितों ने अपनी रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया है कि "आरोपी लंबे समय से मकान खाली करवाने और जमीन को कम कीमत पर बेचने के लिए दबाव बना रहा था।" विरोध करने पर कथित रूप से धमकियां दी जा रही थीं। इस संबंध में पूर्व में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। एफआईआर के अनुसार, एक पीड़ित परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को भी आरोपी द्वारा लगातार परेशान किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम जमीन हड़पने की मंशा से एक साजिश के तहत किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
भीम थाना पुलिस ने प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा प्रकरण की जांच संबंधित अधिकारी को सौंपी गई है। पीड़ित परिवारों ने आरोपी के राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच उच्च स्तर पर कराने की मांग की है और अपनी सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन से गुहार लगाई है।
विधायक पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया का अभाव
मामले में विधायक हरिसिंह रावत एवं उनके पुत्र रणजीत सिंह से पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच हो पाएगी और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा, यह आने वाला समय तय करेगा।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
