राजसमंद: सगे भाई की नृशंस हत्या करने वाले 'कलयुगी' अनुज को आजीवन कारावास, जिला अदालत का ऐतिहासिक फैसला
राजसमंद जिला एवं सेशन कोर्ट ने सगे भाई की हत्या करने वाले अभियुक्त मोहनराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 2019 में केलवाड़ा के वांगरेच में पत्नी से मारपीट के विवाद में बीच-बचाव करने आए बड़े भाई भीमाराम की मोहनराम ने धारदार छुर्रे से हत्या कर दी थी। न्यायाधीश अल्का शर्मा ने साक्ष्यों के आधार पर यह कड़ा फैसला सुनाते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया है।

राजसमंद। खून के रिश्तों को कलंकित करने वाले एक सनसनीखेज हत्याकांड में राजसमंद की जिला एवं सेशन कोर्ट ने अपना कड़ा फैसला सुना दिया है। जिला एवं सेशन न्यायाधीश अल्का शर्मा ने न्याय की मर्यादा को सर्वोपरि रखते हुए अपने ही सगे बड़े भाई के सीने को धारदार हथियार से छलनी करने वाले अभियुक्त मोहनराम को आजीवन कारावास की कठोर सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने न केवल अभियुक्त को हत्या का दोषी माना, बल्कि अवैध हथियार रखने के मामले में भी उसे सजा और अर्थदंड से नवाजा है। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो आपसी विवाद में आवेश में आकर कानून को हाथ में लेते हैं।
घटनाक्रम की जड़ें 28 नवंबर 2019 की उस काली शाम से जुड़ी हैं, जब केलवाड़ा थाना क्षेत्र के वांगरेच (कम्बोड़ा) गांव में पारिवारिक कलह ने खूनी मोड़ ले लिया था। चश्मदीदों और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभियुक्त मोहनराम अपनी पत्नी गीता के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहा था। घर में मचे इस कोहराम को शांत करने और अपनी भाभी को बचाने के लिए बड़ा भाई भीमाराम बीच-बचाव करने पहुंचा। उस वक्त तो विवाद शांत हो गया, लेकिन मोहनराम के मन में प्रतिशोध की ज्वाला धधक रही थी। कुछ ही देर बाद, मोहनराम अपने कपड़ों में लोहे का एक घातक धारदार छुर्रा छिपाकर लाया और गाली-गलौज करते हुए अचानक भीमाराम पर टूट पड़ा। उसने भीमाराम के पेट और सीने पर एक के बाद एक कई वार किए, जिससे भीमाराम की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मोहनराम जंगल की ओर फरार हो गया।
इस जघन्य हत्याकांड की रिपोर्ट परिवादी उदाराम ने केलवाड़ा थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अनुसंधान पूर्ण कर न्यायालय में चार्जशीट पेश की। कानूनी प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक रामलाल जाट ने मामले की प्रभावी पैरवी की। अभियोजन ने कोर्ट के समक्ष 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 27 दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर अपराध की गंभीरता को सिद्ध किया। न्यायाधीश अल्का शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के बाद मोहनराम को हत्या (धारा 302) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया।
न्यायालय ने अपने आदेश में अभियुक्त मोहनराम को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। साथ ही, धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत 5 वर्ष का साधारण कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इस फैसले ने समाज में यह स्पष्ट कर दिया है कि जघन्य अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति, चाहे वह परिवार का ही क्यों न हो, कानून की लंबी भुजाओं से नहीं बच सकता।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
