राजसमंद: आमेट नगर पालिका की लापरवाही से 'राम भरोसे' शहर का विकास, धड़ल्ले से खड़े हो रहे अवैध निर्माण
राजसमंद के आमेट नगर पालिका क्षेत्र में बिना स्वीकृति और कन्वर्ज़न के धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माणों ने प्रशासन की पोल खोल दी है। अधिशाषी अधिकारी देवी सिंह भाटी के आश्वासनों के बीच शहर का विकास 'राम भरोसे' है। क्या मीडिया की सुर्खियों के बाद ही जागेगा स्थानीय प्रशासन? पढ़िए आमेट में नियमों की धज्जियां उड़ाते निर्माण कार्यों की पूरी रिपोर्ट।

राजसमंद। जिले की आमेट नगर पालिका क्षेत्र में इन दिनों नियम-कानून ताक पर हैं और भ्रष्टाचार व लापरवाही की चादर ओढ़े प्रशासन मौन खड़ा है। आमेट में बिना किसी तकनीकी स्वीकृति और बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (कन्वर्ज़न) के पक्के निर्माणों की बाढ़ आ गई है। शहर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक धड़ल्ले से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की कुंभकर्णी नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। नियमों की सरेआम उड़ती धज्जियां न केवल व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बिना नक्शा पास कराए और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के अवैध इमारतें खड़ी की जा रही हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर विषय पर मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय निवासियों का आक्रोश अब चरम पर है; उनका आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय इस इंतजार में बैठा रहता है कि जब मीडिया में खबरें सुर्खियां बनेंगी, तभी कागजी खानापूर्ति के लिए कोई कदम उठाया जाएगा। बिना स्वीकृति के हो रहे ये निर्माण शहर के सुनियोजित विकास के खाके को पूरी तरह बिगाड़ रहे हैं।
इस ज्वलंत मुद्दे पर जब आमेट नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी देवी सिंह भाटी से बात की गई, तो उनका जवाब वही चिर-परिचित सरकारी रटा-रटाया अंदाज रहा। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर यह जानकारी कब ली जाएगी? क्या प्रशासन तब जागेगा जब अवैध निर्माण पूरी तरह संपन्न हो जाएंगे? जनता के बीच यह चर्चा आम है कि शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेने के बजाय प्रशासन केवल मीडिया के दबाव में ही हरकत में आता है। यदि समय रहते इन अवैध निर्माणों पर नकेल नहीं कसी गई, तो भविष्य में यह अव्यवस्थित शहरीकरण किसी बड़े विवाद या गंभीर दुर्घटना का सबब बन सकता है।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
