राजसमंद के दिवेर पंचायत में जन सुनवाई प्रक्रिया पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने अधिकारियों पर पोर्टल के लिए औपचारिकता पूरी करने का आरोप लगाया, बैठक के उद्देश्य को लेकर भ्रम की स्थिति बनी।

राजसमंद जिले की दिवेर पंचायत में आयोजित जन सुनवाई के दौरान विभागीय अधिकारी और उपस्थित ग्रामीण।
राजसमंद/दिवेर। सरकार द्वारा जन समस्याओं के समाधान और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित की जाने वाली जन सुनवाई का स्वरूप दिवेर पंचायत में पूर्णतः नदारद दिखाई दिया। यहाँ जन सुनवाई के नाम पर विभागीय अधिकारियों द्वारा केवल औपचारिकताएँ निभाई गईं, जिससे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की गंभीरता पर ही प्रश्नचिन्ह लग गया है।
मामले की जमीनी हकीकत तब उजागर हुई जब मीडिया टीम ने दिवेर पंचायत का दौरा किया। मौके पर देखा गया कि आधार कार्ड या अन्य कार्यों से पंचायत पहुँचे ग्रामीणों को एक हॉल में बैठाकर उनकी उपस्थिति में केवल फोटो लिए गए, ताकि इसे एक बैठक के रूप में दर्शाया जा सके। इस दौरान पंचायत सचिव और एलडीसी उपस्थित थे। विडंबना यह रही कि जब अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी चाही गई, तो उनके बयानों में भारी विरोधाभास दिखा। पंचायत सचिव ने दावा किया कि जन सुनवाई 23 तारीख को आयोजित होगी, जबकि एलडीसी ने इसे आज से ही शुरू होना बता दिया। विभागीय अधिकारियों के इन परस्पर विरोधी बयानों ने पूरे घटनाक्रम में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी।
इस आयोजन की वास्तविकता का पता तब चला जब बैठक में मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की गई। उपस्थित नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि आखिर यह बैठक किस विषय को लेकर बुलाई गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल फोटो खिंचवाकर पोर्टल पर अपलोड करने की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं, जबकि बैठक का वास्तविक उद्देश्य और चर्चा का विषय आमजन से पूरी तरह छुपाया गया।
ग्रामीणों का आक्रोश व्यक्त करते हुए कहना है कि सरकार विभिन्न योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विभागीय अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित होकर रह गए हैं। प्रशासनिक लापरवाही पर प्रहार करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर जमीनी स्तर पर समस्याओं को सुनने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड को पूर्ण करने में जुटे हैं। अब यह देखना शेष है कि इस अव्यवस्था के उजागर होने के बाद संबंधित विभाग और उच्च प्रशासन इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए जन सुनवाई जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को वास्तव में पारदर्शी और आमजन के लिए सार्थक बनाने हेतु क्या ठोस कदम उठाता है।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
