राजसमंद: जिला कलक्टर ने संपर्क पोर्टल व जल संरक्षण अभियान की समीक्षा की
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राजसमंद जिले में प्रशासन की सक्रियता और जन समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता को गति देते हुए जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने मंगलवार सुबह मैराथन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान कलक्टर ने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों, आरएनएमएस पोर्टल के जरिए समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की मॉनिटरिंग, कर्मयोगी अभियान और वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में एडीएम नरेश बुनकर और जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी वीसी कक्ष में उपस्थित रहे, जबकि सभी उपखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा में सम्मिलित हुए।
संपर्क पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने पीएचईडी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, एवीवीएनएल और कृषि विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कलक्टर ने जोर देकर कहा कि पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले जवाब तथ्यपूर्ण, स्पष्ट और शिकायतकर्ता के लिए संतोषजनक होने चाहिए ताकि उन्हें वास्तविक धरातल पर राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता के साथ लिया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका समाधान अनिवार्य है।
आरएनएमएस पोर्टल की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने समाचार पत्रों में प्रकाशित जनसमस्याओं पर विभागवार चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया। उन्होंने निर्देश दिए कि मीडिया में उठाए गए मुद्दों का तत्काल संज्ञान लेकर उनका हाथों-हाथ समाधान किया जाए और इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट अविलंब प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण फीडबैक का कार्य करती हैं और इन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक का समापन राज्य सरकार के आगामी 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' की तैयारियों की समीक्षा के साथ हुआ, जो 25 मई से 5 जून तक संचालित किया जाएगा। कलक्टर ने इस अभियान को मात्र एक सरकारी कार्यक्रम न मानकर इसे जल संरक्षण के प्रति सामाजिक चेतना का एक महाअभियान बताया। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित कर अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करें ताकि इस अभियान का सफल क्रियान्वयन संभव हो सके। इस बैठक के दौरान जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए, जिसकी एक झलक फोटो में मुबारिक के माध्यम से दर्ज की गई।

