राजसमन्द में जनगणना के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना प्रक्रिया को त्रुटिहीन, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा के निर्देशन में इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को व्यवस्थित रूप से संपादित करने हेतु विस्तृत एवं सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर ने बताया कि कलक्टर ने सभी उपखंड जनगणना अधिकारियों, ग्रामीण व शहरी चार्ज जनगणना अधिकारियों, प्रगणकों तथा सुपरवाइजरों को स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य अत्यंत गंभीरता, सावधानी और जिम्मेदारी का विषय है। इसमें प्रत्येक भवन, जनगणना मकान एवं परिवार का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

जिला कलक्टर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जनगणना की सफलता पूरी तरह से आंकड़ों की शुद्धता, गुणवत्ता और संपूर्ण कवरेज पर टिकी हुई है। कार्य में अत्यधिक जल्दबाजी बरतने से आंकड़ों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे किसी भवन या परिवार के छूट जाने अथवा दोहराव जैसी गंभीर त्रुटियां होने की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनगणना जैसे कार्य में 'रिटेक' या दोबारा मौका मिलने का कोई प्रावधान नहीं होता है, इसलिए सभी कार्मिकों को निर्धारित प्रक्रिया एवं जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना करते हुए अत्यंत सावधानी बरतनी होगी।

इस प्रक्रिया की कड़ी में, उप जिला जनगणना अधिकारी एवं उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग राजसमंद डॉ. पीयूष कुमार भण्डारी ने जानकारी दी कि विगत 16 मई से 18 मई 2026 तक प्रगणकों द्वारा अपने आवंटित ब्लॉकों का गहन भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने भौगोलिक एवं संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से आकलन किया और ले-आउट मानचित्र तैयार किए। इन मानचित्रों में सड़क, मार्ग, गली, नदी, नाले, खेत, मैदान और प्रमुख भू-चिह्नों को स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है, ताकि गणना के दौरान कोई भी क्षेत्र अछूता न रहे। जनगणना का यह व्यवस्थित कार्य राजसमंद जिले के भविष्य के नियोजन और विकास की रूपरेखा तैयार करने में अत्यंत निर्णायक साबित होगा।

Pratahkal HQ

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