राजसमंद। राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी राजसमंद के अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह चौहान ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदेश के कई जिलों के लिए बड़ी योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा की है, लेकिन राजसमंद जिले को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

प्रमुख घोषणाओं का अभाव और भेदभाव का आरोप

चौहान ने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज, सोलर पार्क, जीएसएस, शहरी विकास योजनाओं और विशेष परियोजनाओं की घोषणाएं की गई हैं, जबकि राजसमंद को कोई बड़ी या विशेष योजना नहीं मिली।

  • "जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की अत्यंत आवश्यकता है, लेकिन इस दिशा में बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया।"
  • "राजसमंद लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा है, बावजूद इसके जिले के लिए कोई विशेष पेयजल योजना घोषित नहीं की गई।"

विकास और रोजगार के मुद्दों पर घेरा

युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। चौहान ने कहा कि पर्यटन और खनन क्षेत्र में अग्रणी होने के बावजूद जिले के समग्र विकास के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया, जिससे क्षेत्रवासियों में निराशा है।

चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार राजसमंद जिले की लगातार उपेक्षा करती रही तो जिला कांग्रेस कमेटी जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

सरकार से प्रमुख मांगें

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • राजसमंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के उन्नयन के लिए विशेष बजट स्वीकृत किया जाए।
  • जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज लागू किया जाए।
  • पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं के लिए अलग से फंड स्वीकृत करने और पर्यटन विकास के लिए विशेष मास्टर प्लान बनाने की भी मांग की।
Pratahkal Bureau

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