राजसमंद में विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाजपा जिला कार्यालय में महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में भारत विभाजन के दौरान देशवासियों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए भावी पीढ़ी को विभाजन की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।

भाजपा जिला मीडिया संयोजक अरविंद सिंह भाटी ने बताया कि संगोष्ठी उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, विभाजन विभीषिका कार्यक्रम के उदयपुर संभाग संयोजक प्रमोद सामर और भाजपा जिला अध्यक्ष जगदीश पालीवाल के सानिध्य में आयोजित हुई।

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भारत का विभाजन देश के इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक था। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और असंख्य लोगों ने अपने परिजनों को खोया। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस उन सभी पीड़ित परिवारों और बलिदानियों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने उस कठिन दौर में असहनीय पीड़ा झेली।







बैरवा ने कहा कि विभाजन की विभीषिका को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति द्वेष पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को और मजबूत करना है। युवा पीढ़ी को विभाजन की वास्तविक घटनाओं और उस समय देशवासियों द्वारा झेली गई पीड़ा की जानकारी होना आवश्यक है।

विभाजन विभीषिका कार्यक्रम के उदयपुर संभाग संयोजक प्रमोद सामर ने कहा कि विभाजन की त्रासदी को स्मरण करना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। विभाजन के दौरान लाखों परिवारों ने अपने घर और मातृभूमि छोड़कर विस्थापन का दर्द सहा। अनेक परिवार बिछड़ गए और असंख्य लोगों ने अपने प्राण गंवाए।

सामर ने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस उन सभी पीड़ितों एवं बलिदानियों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिनका जीवन विभाजन की त्रासदी से प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि इतिहास को सही रूप में जानना और उससे सीख लेना आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। कार्यकर्ता विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा राष्ट्र की एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करें।

भाजपा जिला अध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने स्वागत भाषण देते हुए उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, संभाग संयोजक प्रमोद सामर सहित सभी अतिथियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस भारत के इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय की याद दिलाता है, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता।

पालीवाल ने कहा कि विभाजन के समय लाखों परिवारों ने अपना सब कुछ खोया और असंख्य लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह दिवस अतीत की पीड़ा को याद करने के साथ-साथ राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को इतिहास की वास्तविक घटनाओं से अवगत कराना और देश की एकता के प्रति जागरूक करना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत का विभाजन केवल देश की सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। लाखों लोग रातों-रात अपने घरों से विस्थापित हुए, परिवार बिछड़ गए और असंख्य लोगों ने अपने प्राण गंवाए।

संगोष्ठी का संचालन जिला आईटी संयोजक जयदित्य सिंह भाटी ने किया, जबकि आभार महामंत्री प्रदीप काबरा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़, दीप्ति माहेश्वरी, हरिसिंह रावत, भानु पालीवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष नंदलाल सिंघवी, भंवर लाल शर्मा, वीरेंद्र पुरोहित, मान सिंह बारहठ, महेंद्र सिंह चौहान और रमन कंसारा सहित पार्टी के जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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