राजसमंद: भीम में पुश्तैनी मकान ढहाकर जमीन बेचने के आरोप में पिता-पुत्र पर केस दर्ज
भीम कस्बे में पुश्तैनी मकान को जेसीबी से ढहाकर अवैध रूप से बेचने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

राजसमंद। जिले के भीम कस्बे के व्यस्ततम सदर बाजार में एक रिहायशी मकान को जेसीबी से जमींदोज कर उसे गैर-कानूनी तरीके से बेचने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस दुस्साहसिक घटना को लेकर भीम थाना पुलिस ने न्यायालय के कड़े रुख के बाद आरोपी पिता-पुत्र के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वर्तमान में अहमदाबाद निवासी मूल निवासी पीड़ित नितिन मदनलाल देरासरिया ने न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि आरोपियों के रसूख और धमकियों के कारण उनका पूरा परिवार इस समय गहरे खौफ और असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर है।
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित नितिन देरासरिया ने न्यायालय में परिवाद पेश कर आरोप लगाया कि बीती 4 दिसंबर 2025 की काली रात को आरोपी उत्तमचंद देरासरिया (65) और उसके पुत्र चंद्रेश देरासरिया (40) ने सुनियोजित साजिश के तहत सदर बाजार स्थित उनके पुश्तैनी मकान पर जेसीबी मशीन और भारी उपकरणों के साथ हमला बोल दिया। आरोपियों ने देखते ही देखते पूरे मकान को खंडहर में तब्दील कर दिया और तत्पश्चात उक्त बेशकीमती संपत्ति को करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि में किसी अन्य पक्ष को अवैध रूप से बेच दिया। इस पूरी साजिश की भनक पीड़ित परिवार को तब लगी जब उनके रिश्तेदार विनोद देरासरिया ने उन्हें फोन पर इस विध्वंस की सूचना दी।
सूचना मिलते ही पीड़ित की माता हंसा देवी तत्काल भीम पहुंचीं और जब उन्होंने इस अवैध कृत्य पर आरोपियों से जवाब मांगा, तो आरोपी चंद्रेश देरासरिया ने न केवल उनके साथ अभद्रता की और अपशब्द कहे, बल्कि उन्हें जान से मारने की प्रत्यक्ष धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया। इस अप्रत्याशित अपमान और डरावनी धमकी के चलते हंसा देवी की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने शुरुआत में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में न्याय के लिए गुहार लगाई थी, परंतु वहां से कोई ठोस कार्रवाई न होने की स्थिति में उन्हें विवश होकर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब न्यायालय के विशिष्ट निर्देशों के उपरांत भीम थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत आरोपियों पर शिकंजा कसा है।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि उक्त विवादित भूमि को लेकर पहले से ही जिला एवं सेशन न्यायालय तथा भीम न्यायालय में कानूनी वाद लंबित हैं। इसके बावजूद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भू-माफिया की तर्ज पर विवादित स्थल पर बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है। अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं होने से पीड़ित नितिन देरासरिया ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका परिवार किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से ग्रसित है, जो स्थानीय कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
