राजसमंद जिले की आमेट पंचायत समिति क्षेत्र में पंचायती राज चुनाव के प्रथम चरण के सरपंच पदों के परिणामों ने ग्रामीण राजनीति में नए समीकरणों के संकेत दिए हैं। शनिवार को हुए मतदान के बाद देर रात घोषित नतीजों में कई ग्राम पंचायतों में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने भी कई जगह जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया। निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी ताकत दिखाई। लावासरदारगढ़ में निर्दलीय मोनू मेवाड़ा ने 1518 मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की, वहीं झोर ग्राम पंचायत में पहली बार कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सरपंच बनीं।

आमेट (मुबारिक अजनबी)। राजसमंद जिले की हॉट सीट बनी लावासरदारगढ़ ग्राम पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी और पूर्व सरपंच प्रवीण मेवाड़ा की पत्नी मोनू मेवाड़ा ने 1518 मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की। इस बड़े अंतर को क्षेत्र के चुनावी नतीजों की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जा रहा है। चुनाव के दौरान इस सीट पर पूरे जिले की नजरें टिकी थीं।

आमेट पंचायत समिति की सभी 31 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। नतीजों में कई पुराने राजनीतिक समीकरण टूटे, वहीं नवगठित ग्राम पंचायतों को पहली बार निर्वाचित सरपंच मिले। कुछ पंचायतों में जीत का अंतर सैकड़ों मतों में रहा, जबकि सेफटिया में प्रत्याशी को महज चार मतों से जीत मिली।

आगरिया ग्राम पंचायत में डाली बाई कुमावत ने 148 मतों से जीत दर्ज की। नवगठित आगरिया का वाड़ा ग्राम पंचायत में बजरंग दास वैष्णव 1011 मतों से विजयी रहे। खाखरमाला में सुरेंद्र सिंह ने 188, आईडाणा में कंचन बाई ने 105 और घोसुंडी में गणेशलाल ने 60 मतों से जीत हासिल की।

साकरड़ा ग्राम पंचायत में पूर्व सरपंच सुखलाल गुर्जर 145 मतों से विजयी रहे, जबकि गलवा में हीरालाल जाट ने 528 मतों से जीत दर्ज की। लीकी ग्राम पंचायत में बबरी सिंह रावत 40 मतों से विजयी रहे। ओलनाखेड़ा में पूर्व सरपंच दिनेश वैष्णव की पत्नी सीमा देवी ने 794 मतों से जीत हासिल की।

सियाणा में सीता देवी 602 मतों से और जेतपुरा में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी तारा कंवर 521 मतों से विजयी रहीं। गोवल में पुष्पेंद्र सिंह ने 556 मतों से जीत दर्ज की। दोवड़ा में माधवलाल गुर्जर 79 मतों से विजयी रहे, जबकि राछेटी में संगीता देवी ने 797 मतों से जीत हासिल की।

झोर ग्राम पंचायत का परिणाम भी चर्चा का केंद्र रहा। यहां कांग्रेस समर्थित पूजा तेली ने 939 मतों से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ झोर में पहली बार कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सरपंच बनीं। आमेट क्षेत्र में अब तक कांग्रेस के कब्जे में रही जिलोला ग्राम पंचायत की सरपंची इस बार अणशी बाई के हाथों में चली गई। अणशी बाई ने 114 मतों से जीत हासिल की।

पनोतिया ग्राम पंचायत में पूर्व सरपंच गोमा देवी गुर्जर के पुत्र गजेंद्र सिंह गुर्जर ने 963 मतों से विजय प्राप्त की। बिकावास में राम सिंह पुत्र समर्थ सिंह 127 मतों से विजयी रहे।

नवगठित ग्राम पंचायतों में भी मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधि चुने। बांण्डा ग्राम पंचायत में पुष्पा बाई ने 316 मतों से जीत दर्ज की, जबकि टिकर में नारायणलाल 304 मतों से विजयी रहे। देवड़ा का गुड़ा में रमेशचंद्र भील ने महज 18 मतों से जीत हासिल की। भीलमगरा ग्राम पंचायत में पानी देवी 513 मतों से विजयी रहीं।

बल्लों का खेड़ा में मांगीलाल ने 353 मतों से जीत दर्ज की। सेंगनवास ग्राम पंचायत में संगीता रावल ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 535 मतों से जीत हासिल की और सरपंच बनीं। साकरोदा नवगठित ग्राम पंचायत में लीला कुमारी ने भी पहली बार चुनाव लड़ते हुए 161 मतों से जीत दर्ज की।

सेफटिया ग्राम पंचायत में मुकाबला बेहद करीबी रहा। यहां नारायणलाल गुर्जर ने महज चार मतों के अंतर से जीत हासिल की। लोढ़ियाणा में मनोहरलाल गाड़री 75 मतों से विजयी रहे, जबकि नवगठित मुरड़ा ग्राम पंचायत में चंदा भील ने 399 मतों से जीत दर्ज की।

सरपंच पदों के इन परिणामों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की हार, कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत और निर्दलीय प्रत्याशियों के मजबूत प्रदर्शन ने आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनावों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। ग्रामीण मतदाताओं के रुझान और विभिन्न प्रत्याशियों के प्रदर्शन ने राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि, सरपंच चुनाव के नतीजों के आधार पर जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनावों के परिणामों का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी, लेकिन आमेट क्षेत्र के इन नतीजों ने ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक दलों की रणनीति को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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