प्रशासन के साथ वार्ता विफल

  • रात्रि में अनशनकारियों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई।
  • लिखित आश्वासन नहीं मिलने से सहमति नहीं बन सकी।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

अनशन के दौरान दोनों युवकों की तबीयत अब तक दो बार बिगड़ चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग केवल मौखिक आश्वासन देकर जिम्मेदारी से बचता नजर आ रहा है। प्रशासन की संवेदनहीनता और विभागीय लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है।

स्थानीय निवासियों के आरोप

  • स्थानीय लोगों का आरोप है कि “सीएमएचओ और स्वास्थ्य विभाग गंभीर मुद्दों को हल्के में ले रहे हैं।”
  • अस्पताल में स्टाफ, दवाइयों और मूलभूत सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है।

चेतावनी और वर्तमान स्थिति

यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।



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Pratahkal Bureau

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