राजसमंद। शौर्य और पराक्रम की धरती राजसमंद के कुटवा गांव में राजपूत चेतना मंच के तत्वावधान में आयोजित 10वीं खेल प्रतियोगिता ने न केवल युवाओं के कौशल को निखारा, बल्कि समाज की एकता और खेल भावना का एक अनुपम उदाहरण भी पेश किया। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर 14 जनवरी 2026 को एकपनिया का गुड़ा स्थित प्राचीन एकपनिया बावजी मंदिर मैदान में आयोजित इस भव्य स्पर्धा में समूचे क्षेत्र के खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। प्रतियोगिता का औपचारिक शंखनाद मंच के अध्यक्ष श्री किशन सिंह खरवड़ द्वारा किया गया, जिन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ दिलाते हुए इस आयोजन को युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।

महासचिव अभय सिंह चदाना फ़रारा के अनुसार, इस खेल महाकुंभ में वॉलीबॉल, गोला फेंक, लंबी कूद, भाला फेंक और 100 मीटर दौड़ जैसी स्पर्धाओं ने दर्शकों में भारी उत्साह भर दिया। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय मेवाड़ राजपूत महासभा उदयपुर के महासचिव श्रीमान पंकज सिंह कडेचा, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमान प्रताप सिंह जी, कुटवा सरपंच श्रीमान शंभू सिंह जी कडेचा, और सिसोदा सरपंच श्रीमान भगवत सिंह जी चदाना विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ ही उदय सिंह परमार, संरक्षक श्री मन शंकर सिंह जी खरवड़, श्री बंशी सिंह चदाना, श्री देवी सिंह खरवड़, श्री डुगर सिंह परमार, कोषाध्यक्ष श्रीमान प्रकाश सिंह जी चदाना, बसंत सिंह जी बोराज, लाल सिंह जी कडेचा, देवी सिंह जी परमार, शंभू सिंह परमार (कुटवा), देवी सिंह, शंभू सिंह पवार, देवी सिंह, सोहन सिंह जी, देवी सिंह जी, गणपत सिंह जी, रणजीत सिंह जी, विक्रम सिंह जी, भेरु सिंह जी, सुरेश सिंह, सोहन सिंह जी, शंभू सिंह जी, चूंन सिंह जी, भेरू सिंह जी, हिम्मत सिंह, कालू सिंह, पूरन सिंह जी, नाहर सिंह जी और हीर सिंह जी जैसे प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

मैदान के बीच सबसे रोमांचक मुकाबला वॉलीबॉल का रहा, जिसमें पुनावली (पुरड़ा) की टीम ने अपने आक्रामक खेल और बेहतरीन तालमेल के दम पर विजेता का खिताब अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में उपविजेता रही नया तालाब की टीम को भी उनकी जुझारू पारी के लिए पुरस्कृत किया गया। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोला फेंक के सीनियर वर्ग में हीर सिंह परमार ने प्रथम, नरेंद्र सिंह चंदना फ़रारा ने द्वितीय और पूरन सिंह बीड़ा ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसी स्पर्धा के जूनियर वर्ग में दीपेश सिंह ने स्वर्ण, बसंत सिंह ने रजत और मेर सिंह बीड़ा की भागल ने कांस्य पदक जैसा सम्मान प्राप्त किया।

भाला फेंक स्पर्धा में सीनियर वर्ग के भीतर कालू सिंह ने अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि नरेंद्र सिंह दूसरे और भूर सिंह तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर वर्ग में भेरू सिंह ने बाजी मारी, वहीं गजेंद्र सिंह और गणपत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। लंबी कूद की चुनौतियों को पार करते हुए सीनियर वर्ग में हितेश सिंह ने लंबी छलांग लगाकर प्रथम स्थान पाया, जबकि पवन सिंह और केशर सिंह ने अगले दो स्थान सुरक्षित किए। कनिष्ठ वर्ग में प्रभु सिंह, रूप सिंह और भगवत सिंह की तिकड़ी ने अपना दबदबा कायम रखा। एथलेटिक्स की सबसे तीव्र स्पर्धा यानी 100 मीटर दौड़ में सीनियर वर्ग के भूर सिंह कडेचा ने बिजली जैसी गति दिखाते हुए प्रथम स्थान पाया, उनके पीछे किशन सिंह खरवड़ और प्रेम सिंह कडेचा रहे। जूनियर वर्ग की दौड़ में भगवत सिंह विजेता बने, जबकि प्रभु सिंह और गजेंद्र सिंह ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतियोगिता थी, बल्कि राजपूत समाज की सांस्कृतिक विरासत और युवा शक्ति के संगम का प्रतीक बनकर उभरा, जिसका समापन विजयी खिलाड़ियों के सम्मान और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।

Pratahkal Bureau

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