राजीविका की जिला स्तरीय बैंकर्स कार्यशाला सम्पन्न, 18 दिसंबर को होगा क्रेडिट लिंकेज कैंप
राजसमंद में राजीविका द्वारा आयोजित जिला स्तरीय बैंकर्स कार्यशाला में महिला स्वयं सहायता समूहों के वित्तीय सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। कार्यशाला में लखपति दीदी योजना, डिजिटल फाइनेंस, समूह ऋण प्रक्रिया और 18 दिसंबर को होने वाले क्रेडिट लिंकेज कैंप की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।

राजसमंद में दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय एक दिवसीय बैंकर्स कार्यशाला सोमवार को लक्ष्मी गार्डन में उत्साहपूर्ण माहौल के साथ सम्पन्न हुई। कार्यशाला का शुभारम्भ अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. सुमन अजमेरा, डीडीएम नाबार्ड आशीष जैन, अग्रणी जिला प्रबंधक प्रेम शंकर जीनगर, आरसेटी निदेशक राकेश गुप्ता और एसबीआई के मुख्य प्रबंधक मुकुंद भाटी ने दीप प्रज्वलन के साथ किया, जिससे कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
डॉ. अजमेरा ने अपने संबोधन में कहा कि राजसमंद की राजीविका टीम उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए पूरे प्रदेश में पहचान बना चुकी है और महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में बैंकिंग सहयोग अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर 2025 को जिले में क्रेडिट लिंकेज कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें बैंकर्स और राजीविका टीम मिशन मोड में कार्य करते हुए समूहों के ऋण स्वीकृत करवाएंगे। उन्होंने जिले की 74 हजार दीदियों को लखपति दीदी योजना के तहत व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराने के लिए सभी बैंकों को पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला का एक भावनात्मक क्षण तब सामने आया जब बैंक सखी निर्मला शर्मा ने अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में राजीविका से जुड़ने के बाद वे 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर एसबीआई सालौर में बैंक मित्रा बनीं और आज वे वित्त सखी, बैंक मित्रा तथा स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करते हुए लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल कर चुकी हैं। उनकी सफलता ने उपस्थित महिलाओं को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
नाबार्ड के डीडीएम आशीष जैन ने कहा कि हर समूह सदस्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही मिशन का मूल उद्देश्य है। उन्होंने 1992 में नाबार्ड द्वारा शुरू की गई एसएचजी क्रेडिट लिंकेज पहल के प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मॉडल वर्षों से महिला सशक्तिकरण का आधार बना हुआ है। उन्होंने डिजिटल फाइनेंस और आधुनिक वित्तीय व्यवहारों पर विस्तृत जानकारी भी प्रदान की।
अग्रणी जिला प्रबंधक प्रेम शंकर जीनगर ने समूह ऋण के लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण और अधिकतम ऋण स्वीकृति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा योजना में सभी राजीविका सदस्य महिलाओं का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने की बात भी कही गई। लखपति दीदी योजना में सर्वाधिक ऋण स्वीकृति पर इंडियन बैंक को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वित्तीय समावेशन के जिला प्रबंधक कमल कुमार मारू ने पीपीटी के माध्यम से आरबीआई गाइडलाइन, ऋण प्रक्रिया, पंचसूत्र, बीमा एवं पेंशन योजनाओं, डिजिटल फाइनेंस, मुद्रा लोन, इंटरप्राइजेज फाइनेंस, महिला निधि ऋण, बीसी कमेटी और बैंक सखी मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। आरसेटी निदेशक राकेश गुप्ता ने महिलाओं को प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
बैंक सखी, बीमा सखी, बीसी सखी, सीआरपी और वित्त सखी द्वारा लगाए गए पांच प्रदर्शनी स्टॉल कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे, जिनमें महिलाओं ने अपनी गतिविधियों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई सहित विभिन्न बैंकों के 71 बैंक प्रबंधक, ब्लॉक परियोजना टीमें और राजीविका स्टाफ मौजूद रहा। मंच संचालन भेरूलाल बुनकर और प्रिया चारण ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यशाला ने न केवल बैंकिंग साझेदारी को मजबूत किया, बल्कि जिले की हजारों महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के सपनों को नई दिशा देने का संकल्प भी पुनः दोहराया।
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Pratahkal Bureau
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