राजस्थानी भाषा स्कूल में लागू करने के फैसले पर साकेत संस्थान ने जताई खुशी
सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद साकेत साहित्य संस्थान ने राजस्थानी को पाठ्यक्रम में शामिल करने को मातृभाषा शिक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

आमेट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव (बाएं) साहित्य लेखन हेतु मुकेश वैष्णव (मध्य) का अभिनंदन करते हुए।
राजस्थानी मायड़ भाषा के सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई में सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस विक्रम नाथ एवं जस्टिस संदीप मेहता द्वारा राजस्थानी भाषा को स्कूलों में लागू करने हेतु दिया गया निर्णय एक युगांतरकारी कदम सिद्ध हुआ है। इस ऐतिहासिक फैसले पर साकेत साहित्य संस्थान के संस्थापक नारायण सिंह राव एवं आमेट तहसील अध्यक्ष मुकेश वैष्णव ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे राजस्थान की सांस्कृतिक अस्मिता की जीत बताया है। राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर के पूर्व सदस्य नारायण सिंह राव ने इस अवसर पर कहा कि अपनी मातृभाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने और इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए विभिन्न संगठनों एवं राजस्थानी मायड़ भाषा संघर्ष समिति द्वारा लंबे समय से प्रखर मांग की जा रही थी, जिसे अब न्यायिक सार्थकता प्राप्त हुई है।
साकेत साहित्य संस्थान के तहसील अध्यक्ष मुकेश वैष्णव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थानी एक अत्यंत सरल, मधुर और संपन्न मातृभाषा है। राज्य के शिक्षण पाठ्यक्रमों में इसे स्थान मिलने से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होगा। इस गौरवशाली निर्णय पर संस्थान के संरक्षक विजय सिंह राव, महावीर प्रसाद बघेरवाल, जिला अध्यक्ष वीणा वैष्णव, जिला सचिव कमल अग्रवाल, राधेश्याम राणा, बख्तावरसिंह चुण्डावत, आमेट सभाध्यक्ष पारसमल जाट, उपाध्यक्ष जगदीश चन्द्र शर्मा, अशोक कुमार खटीक, गायड सिंह चुण्डावत, राम नारायण सालवी तथा बार एसोसिएशन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चुण्डावत ने प्रसन्नता साझा की।
साथ ही उषा मेवाड़ा, प्रकाश बडोला, गणपत लाल चौधरी, ममता खटीक, पूजा शर्मा, मनोज शर्मा, लवली सोनी, छोटू लाल जीनगर, मुबारिक अजनबी, सम्पत उजाला, नरपतसिंह चुण्डावत, राजेन्द्र सिंह चारण, दिनेश कुमार सालवी, सपना आचार्य, कुलदीप सिंह सोलंकी, लादू लाल वर्मा, नरेंद्र सिंह राव, दिलीप सिंह राव, राजेन्द्र सिंह चुण्डावत, अन्नु राठौड़, नरेंद्र कुमार, अमित विजयवर्गीय, भैरुलाल जीनगर और प्रभु लाल शर्मा सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को ऐतिहासिक बताते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय करार दिया। इसी क्रम में, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने 'जल बचाओ अभियान' पर उत्कृष्ट साहित्य लेखन हेतु साकेत साहित्य संस्थान आमेट के तहसील अध्यक्ष मुकेश वैष्णव का ईकलाई पहनाकर और साकेत साहित्य भेंट कर विशेष अभिनंदन किया, जो इस भाषाई उत्सव के बीच सामाजिक सरोकारों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

Pratahkal Bureau
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