आमेट। निजी विद्यालय संघर्ष समिति राजस्थान के प्रदेशव्यापी आंदोलन और लगातार उठाई जा रही मांगों के बाद सरकार ने निजी विद्यालयों का RTE पुनर्भरण बकाया भुगतान शुरू कर दिया है। समिति ने इसे अपने संघर्ष का परिणाम बताते हुए स्पष्ट किया है कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं सहित प्रदेश के सभी पात्र निजी विद्यालयों का संपूर्ण बकाया भुगतान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा भुगतान नहीं होने पर 12 अक्टूबर 2026 से जयपुर के शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।

निजी विद्यालय संघर्ष समिति राजस्थान के प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने बताया कि निजी विद्यालयों के वर्षों से लंबित RTE भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए समिति लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रही है। इसी क्रम में 22 सितंबर 2026 को सरकार को ज्ञापन सौंपकर बकाया भुगतान सहित विभिन्न मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई थी।

इसके बाद 5 अक्टूबर 2026 को समिति के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा कार्यालयों के समक्ष धरना-प्रदर्शन किए गए। इन प्रदर्शनों के माध्यम से निजी विद्यालय संचालकों ने अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखीं और लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग उठाई।

समिति ने सरकार को स्पष्ट समय सीमा देते हुए मांग की थी कि 10 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के सभी पात्र निजी विद्यालयों को प्री-प्राइमरी कक्षाओं सहित अब तक का संपूर्ण RTE बकाया भुगतान किया जाए। निर्धारित समय सीमा में मांग पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर 2026 से जयपुर के शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई थी।

लाल सिंह झाला के अनुसार, आंदोलन और चेतावनी के बाद सरकार ने बकाया भुगतान करना प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया शुरू होना राहत की बात है, लेकिन कुछ विद्यालयों को राशि मिलने से समस्या का पूर्ण समाधान नहीं माना जा सकता। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश के सभी पात्र निजी विद्यालयों को उनका संपूर्ण लंबित भुगतान मिले और किसी भी विद्यालय का बकाया शेष नहीं रहे।

अन्य लंबित समस्याओं के समाधान के लिए जयपुर जाएगा प्रतिनिधिमंडल

प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने बताया कि निजी विद्यालय संघर्ष समिति राजस्थान का संघर्ष केवल RTE बकाया भुगतान तक सीमित नहीं है। निजी विद्यालयों की अन्य लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर भी सरकार और समिति के बीच पूर्व में सहमति बनी थी। इन सहमतियों को धरातल पर लागू करवाना भी समिति की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने बताया कि शीघ्र ही संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल जयपुर जाकर संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के समक्ष निजी विद्यालयों की समस्याएं रखेगा। प्रतिनिधिमंडल पूर्व में बनी सहमतियों को लागू करने की मांग भी करेगा। समिति का प्रयास है कि निजी विद्यालयों को आर्थिक एवं प्रशासनिक समस्याओं से राहत मिले और शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

लाल सिंह झाला ने कहा कि निजी विद्यालय संघर्ष समिति राजस्थान प्रदेश के विद्यालय संचालकों के हितों की रक्षा और उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी पात्र विद्यालयों का संपूर्ण RTE बकाया भुगतान नहीं हो जाता और सरकार के साथ बनी सहमतियों को लागू नहीं किया जाता, तब तक समिति अपना संघर्ष जारी रखेगी। ऐसे में सभी पात्र विद्यालयों को भुगतान मिलने और लंबित सहमतियों के क्रियान्वयन पर सरकार की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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