चित्तौड़गढ़: किसान आयोग अध्यक्ष डॉ. सी.आर. चौधरी ने की कृषि योजनाओं की समीक्षा
आगामी बजट हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक और कृषक संवाद आयोजित, छोटी जोत के किसानों को बैल जोड़ी पर वार्षिक अनुदान की घोषणा।

आमेट तहसील की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते पीसीसी सचिव योगेंद्र सिंह परमार और उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ता।
चित्तौड़गढ़। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट प्रस्तुतीकरण से पूर्व राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष डॉ. सी.आर. चौधरी की अध्यक्षता में जिला कलक्टर आलोक रंजन एवं अति कलक्टर प्रभा गौतम की उपस्थिति में कृषि, उद्यान एवं कृषि से संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषक हित में संचालित योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन के दौरान आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं सुझाव
बैठक के दौरान कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उप निदेशक उद्यान शंकरलाल जाट ने “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत निर्धारित इकाई लागत में हुई वृद्धि के अनुरूप अनुदान राशि बढ़ाने का सुझाव” प्रस्तुत किया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष ने “प्रत्येक पशुपालक को समय पर सॉर्टेड सीमन उपलब्ध कराने के निर्देश” दिए, जिससे बछियों के जन्म को प्रोत्साहन मिल सके एवं दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो। सहकारिता विभाग द्वारा कार्मिकों की भर्ती संबंधी सुझाव रखे गए। जल संसाधन विभाग के राजकुमार शर्मा ने जिले के बांधों की वर्तमान स्थिति एवं सिंचाई नहरों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त राज्य बीज निगम, बीज प्रमाणीकरण संस्था, विद्युत विभाग, भू-जल विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं नाबार्ड के अधिकारियों से भी अध्यक्ष ने चर्चा कर योजनाओं की शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषक संवाद: किसानों की मांगें और सरकारी आश्वासन
समीक्षा बैठक के उपरांत आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रम में कृषकों एवं महिला कृषकों ने सक्रिय सहभागिता की। रतनलाल गाडरी ने “कृषकों को गौपालन करने वाले कृषकों को भी गौशालाओं की तर्ज पर अनुदान दिए जाने तथा अफीम डोडा नष्ट करने के स्थान पर जैविक कीटनाशक निर्माण तकनीक विकसित करने का सुझाव” दिया। भूमि विकास बैंक के चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने भावांतर योजना, जंगली सुअर से फसलों की सुरक्षा एवं “गांव का पानी गांव में रहे” की अवधारणा के तहत मातृकुंडियां बांध के जल का उपयोग जिले के कृषकों को उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।
डॉ. चौधरी ने बताया कि वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में आवश्यकता अनुसार विद्युत उपलब्ध कराई जाएगी तथा राज्य विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर होकर अन्य राज्यों को भी बिजली उपलब्ध कराने की स्थिति में पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि गौशालाओं की तर्ज पर गौपालकों को अनुदान देने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है।
छोटी जोत के किसानों के लिए नई पहल
साथ ही छोटी जोत वाले कृषक जो बैलों से खेती कर रहे हैं, उन्हें 30 हजार प्रति बैल जोड़ी प्रतिवर्ष देने की योजना इसी वित्तीय वर्ष से प्रारंभ कर दी गई है। कृषक संवाद के दौरान प्राप्त समस्याओं एवं सुझावों को लिखित रूप में संकलित कर उनका अध्ययन कर राज्य सरकार को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में समावेश हेतु अनुशंसा के साथ भेजे जाने का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर राजस्थान में अब तक आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रमों में इस जिले में महिलाओं की सर्वाधिक भागीदारी की सराहना की गई। कृषक संवाद कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को निःशुल्क 2 पौधे फैशन फ्रूट एवं 30 पौधे टमाटर के वितरित किए गए। कार्यक्रम में लगभग 250 कृषकों ने भाग लिया।
सीताफल उत्कृष्टता केंद्र का अवलोकन एवं सहभागी
इसके पश्चात रमेश आमेटा द्वारा सीताफल उत्कृष्टता केंद्र में संचालित गतिविधियों, पॉलीहाउस, नेट हाउस, फलदार पौध नर्सरी एवं सब्जी पौध उत्पादन का अवलोकन कराया गया, जिसकी अध्यक्ष ने प्रशंसा की।
- अधिकारीगण: कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक कृषि ईन्द्र सिंह संचेती, संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार जागा, उप निदेशक डॉ. ओ.पी. शर्मा, सहायक निदेशक अंशु चौधरी, मुकेश धाकड़, कृषि अधिकारी गोपाललाल शर्मा, डॉ. शिवांगी जोशी, सुनील खाईवाल, दिनेश जाट सहित कृषि पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
