राजस्थान: बर में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण की मांग
आशा सहयोगिनी संगठन ने बजट 2026-27 में मांगों को शामिल करने और लंबित भुगतान जारी न होने पर 24 फरवरी से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

बर क्षेत्र में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपतीं आशा सहयोगिनी संगठन राजस्थान की सदस्य।
आंदोलन का आगाज और ज्ञापन
आशा सहयोगिनी संगठन राजस्थान के बैनर तले बर क्षेत्र की आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सहयोगिनियों ने बर चिकित्सालय अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए वर्ष 2026-27 के संशोधित बजट में उनकी मांगों को शामिल करने तथा लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की।
महत्वपूर्ण सेवाएं और वर्तमान स्थिति
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि "आशा सहयोगिनियां वर्षों से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण अभियान, परिवार कल्याण कार्यक्रम सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।" कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने जोखिम उठाकर सेवाएं दीं, लेकिन अब तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा एवं सम्मानजनक मानदेय नहीं मिला है।
आर्थिक संकट: कई महीनों से भुगतान लंबित
संगठन के अनुसार जनवरी-फरवरी 2025 सहित अन्य अवधि का मानदेय पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। कई सहयोगिनियों का 5 माह तक का भुगतान बकाया है। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में तकनीकी समस्याओं के कारण भी समय पर राशि नहीं मिल पा रही है, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है।
प्रमुख मांगें:
- आशा सहयोगिनियों को नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए।
- मासिक मानदेय में उचित बढ़ोतरी की जाए।
- प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की जाए।
- लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए।
- स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों के समान सुविधाएं दी जाएं।
- आकस्मिक मृत्यु पर सहायता पैकेज प्रदान किया जाए।
- वर्ष 2026-27 के बजट में मानदेय वृद्धि का प्रावधान किया जाए।
कार्य बहिष्कार की चेतावनी
आशा सहयोगिनियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 24 फरवरी 2026 से कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। संगठन का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित रहने के कारण सहयोगिनियों में भारी रोष है।
उपस्थित सदस्य
ज्ञापन सौंपते समय निम्नलिखित आशा सहयोगिनियां उपस्थित रहीं:
- ज्योत्सना, काली कंवल, रेखा, कोमल कंवर
- मंगू देवी, संतोष देवी, विमला देवी, हरलेखा
- सुषमा, गंगा, पूनम, नन्ही, सुशीला देवी एवं प्रेमकंवर
"आशा सहयोगिनियां स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें उचित सम्मान व सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।" - संगठन पदाधिकारी

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
