आमेट। मुस्लिम समुदाय के रमज़ान के पवित्र माह में रोज़ा रखने की तमन्ना केवल युवा और बुजुर्ग आयु वर्ग में ही सीमित नहीं है, बल्कि मासूम बच्चों में भी रोज़ा रखने का जज़्बा कायम है। इसी सिलसिले को कायम रखते हुए नगर के कुरैशी मोहल्ला निवासी समाजसेवी और मुस्लिम समाज के वरिष्ठ नेता आजाद शाह के 5 वर्षीय नन्हें दोहीते रजब शाह ने अपने जीवन का पहला रोज़ा रखकर एक मिसाल कायम की है।

भक्ति और समर्पण का संगम

रजब शाह ने न केवल रोज़ा रखा बल्कि ख़ुदा की राह में सजदा (नमाज) अदा कर खुशहाली की दुआं भी मांगी। इस नन्हीं उम्र में रजब के भीतर दिखा यह धार्मिक जज़्बा और अल्लाह के प्रति समर्पण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

परिवार ने बढ़ाया उत्साह

रोज़ा रखने पर परिवार के सदस्यों ने अपनी अपार खुशी का इजहार किया। परिजनों ने रजब शाह को माला पहनाकर और उसे बख्शीश देकर उसकी हौसला अफजाई भी की ताकि वह भविष्य में भी नेक राह पर अग्रसर रहे। "मुस्लिम समुदाय के रमज़ान के पवित्र माह में रोज़ा रखने की तमन्ना केवल युवा, बुजुर्ग आयु वर्ग में ही सीमित नहीं है, बल्कि मासूम बच्चों में भी रोज़ा रखने का जज़्बा कायम है।"

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

Next Story