रायपुर/राजसमंद: राजस्थान के रायपुर क्षेत्र और राजसमंद विधानसभा की सीमा पर स्थित टूंगचा का खेड़ा गाँव इन दिनों एक ऐसे खौफ के साये में है, जिसने विज्ञान और विश्वास दोनों को चुनौती दे दी है। पिछले छह महीनों से इस गाँव में पशुओं की रहस्यमयी मौतों का तांडव जारी है, जहाँ अब तक 100 से अधिक मूक जानवर अपनी जान गंवा चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे विचलित करने वाला तथ्य यह है कि मौत का यह 'डेथ वारंट' केवल सप्ताह के अंत में, यानी शनिवार और रविवार को ही तामील हो रहा है।

टूंगचा का खेड़ा गाँव के पशुपालकों के लिए वीकेंड अब आराम नहीं, बल्कि दहशत का पर्याय बन चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, मरने वाले पशुओं में गाय, भैंस और उनके बछड़े शामिल हैं, जो घटना से कुछ मिनट पहले तक पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य नजर आते हैं। अचानक खेल शुरू होता है कँपकँपी से, और महज 3 सेकंड से लेकर 15 मिनट के भीतर ही हट्टा-कट्टा पशु जमीन पर गिरकर दम तोड़ देता है। समय इतना कम मिलता है कि किसान को डॉक्टर बुलाना तो दूर, पशु को पानी पिलाने तक की मोहलत नहीं मिलती।

आर्थिक रूप से टूंगचा का खेड़ा की कमर टूट चुकी है। गाँव के कई परिवारों ने अपनी आँखों के सामने अपनी जमा-पूंजी को खत्म होते देखा है। किसी किसान के 4 पशु मरे हैं, तो किसी के 5, और कुछ बदनसीब ऐसे भी हैं जिन्होंने 10 से अधिक पशुओं को खो दिया है। यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि उन ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर हुआ सीधा प्रहार है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गुत्थी को सुलझाने में अब तक नाकाम रहे हैं। पशु चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुँचकर मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया और विसरा के सैंपल लेकर लेबोरेटरी भेजे हैं, लेकिन रिपोर्ट के इंतजार के बीच मौत का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

चिकित्सकों का प्राथमिक तौर पर मानना है कि यह किसी अज्ञात बीमारी, चारे में मौजूद किसी विषाक्त तत्व या किसी विशेष पर्यावरणीय बदलाव का परिणाम हो सकता है। हालांकि, 'शनिवार-रविवार' वाला पैटर्न किसी भी वैज्ञानिक तर्क से परे नजर आता है। थक-हारकर ग्रामीणों ने दैवीय प्रकोप की आशंका में पूजा-पाठ और अनुष्ठान का सहारा भी लिया, लेकिन टूंगचा का खेड़ा की धरती पर पशुओं का गिरना बंद नहीं हुआ। जैसे-जैसे शनिवार की सुबह करीब आती है, पूरे गाँव में सन्नाटा पसर जाता है और हर पशुपालक की आँखें अपने बेजुबान जानवरों की रक्षा के लिए पथरा जाती हैं। अब सबकी उम्मीदें लैब रिपोर्ट और सरकार की विशेष जांच टीम पर टिकी हैं, जो इस 'वीकेंड किलर' का सच सामने ला सके।

Rahul Acharya, Rajsamand

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नाम: राहुल आचार्य

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें

परिचय 

राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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