आमेट/लावासरदारगढ़। सरदारगढ़ से कांकरोली को जोड़ने वाले मेगा हाईवे की बदहाली अब इतनी बढ़ चुकी है कि स्थानीय ग्रामीण किसी बड़े जन हादसे की आशंका से हर दिन दहशत में जी रहे हैं। सड़क की जर्जर हालत पर बार-बार चेतावनी देने के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की खामोशी ने लोगों में यह विश्वास और पुख्ता कर दिया है कि विभाग शायद किसी भीषण दुर्घटना के बाद ही जागेगा।

करीब 15 किलोमीटर लंबे इस प्रमुख जिला मार्ग पर इस समय 150 से अधिक खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं। बरसात के बाद स्थिति और बिगड़ गई है, जिससे यह सड़क अब गड्ढों में सड़क ढूंढने जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रही है। मार्बल क्षेत्र होने के कारण प्रतिदिन 60 से 80 मैट्रिक टन वजन वाले भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे सड़क की स्थिति और चरमराती जा रही है। डामर कई जगहों से पूरी तरह उखड़ चुका है, बड़ी-बड़ी गिट्टियां बाहर आ चुकी हैं और छोटे-बड़े वाहनों के पंचर होना आम बात हो गई है।

ग्रामीण मोहनलाल गुर्जर, शंकरलाल गुर्जर, रमेश सिंह, दुदाराम, लक्ष्मण सिंह, बाबूलाल, निर्मल कुमार, गायत्री बाई, सोहनी बाई, रूपी बाई व रेखा देवी सहित सैकड़ों लोगों ने समाचार पत्रों के माध्यम से कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को चेताया, लेकिन अब तक किसी ने सुध नहीं ली है। इतना ही नहीं, कुछ दिन पूर्व पनोतिया से सीमाल के बीच गड्ढों के कारण बाइक सवार दंपति गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद स्थानीय जनों में आक्रोश और बढ़ गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के चलते यह मार्ग एक ‘दुर्घटना हॉटस्पॉट’ बनता जा रहा है। लगातार बढ़ते हादसों और खराब होती स्थिति के बीच ग्रामीणों ने एक बार फिर विभाग को कड़ा संदेश दिया है कि अब उनके सब्र का और इम्तिहान न लिया जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी से तुरंत इस क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कर ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को राहत देने की मांग की है।

यह सड़क न केवल आम जनता बल्कि प्रशासनिक व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के आवागमन का भी प्रमुख मार्ग है, ऐसे में इसकी मरम्मत में देरी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग नहीं जागा तो आने वाले दिनों में किसी गंभीर जनहानि की जिम्मेदारी सीधे विभाग पर ही होगी।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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