आमेट। बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार अत्याचारों और हाल ही में सामने आई जघन्य घटनाओं के विरोध में आमेट नगर में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद एवं अन्य हिंदू संगठनों के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर बंगाल सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बंगाल में लगातार हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, जो निंदनीय और देश की एकता एवं अखंडता के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर हिंदू समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

विरोध प्रदर्शन में गम्भीर सिंह राठौड़, उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद पिंटू मेवाड़ा, जिला मंत्री तेजपाल सिंह, कोषाध्यक्ष दिनेश सुथार, रतन सिंह चौहान, निर्मल पालीवाल, प्रकाश जोशी, विक्रम सिंह, सुरेन्द्र सिंह, रामलाल पानेरी, मुकेश लौहार, नन्द किशोर कंसारा और रमेश सेठ सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके साथ ही नगर के कई गणमान्य नागरिकों ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर बंगाल में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी एकजुटता दिखाई।

विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन और केंद्र सरकार पर संदेश दिया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। आमेट नगर में इस तरह के संगठित विरोध ने राष्ट्रीय स्तर पर हिंदू समाज के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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